अनमोल श्रीवास्तव ने प्रदेश में हासिल किया तीसरा स्थान, राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित
अनपरा, सोनभद्र। आदित्य बिड़ला इंटर कॉलेज (एबीआईसी), रेणुसागर के होनहार शतरंज खिलाड़ियों ने 70वीं विद्यालयी स्तरीय राज्य शतरंज प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय एवं जनपद का गौरव बढ़ाया है। अलीगढ़ स्थित धर्म समाज इंटर कॉलेज में 8 से 11 सितंबर तक आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यालय के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, रणनीतिक कौशल और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में कक्षा 7 के छात्र मास्टर अनमोल श्रीवास्तव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह उपलब्धि विद्यालय के लिए विशेष गौरव का विषय है।

वहीं कक्षा 8 के छात्र मास्टर अश्विनी कुमार ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में सातवीं रैंक प्राप्त की। प्रतियोगिता में एबीआईसी, रेणुसागर की ओर से अनमोल श्रीवास्तव, अश्विनी कुमार, विशाल, प्रभात एवं तेजस जायसवाल सहित कुल पांच खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि में विद्यालय के खेल शिक्षक एवं शतरंज प्रशिक्षक बी.एल. पाठक का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण रहा। उनके कुशल निर्देशन में विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के लिए निरंतर अभ्यास करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित अनमोल श्रीवास्तव को विशेष शुभकामनाएं देते हुए अन्य खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं हिंडालको रेनुसागर के यूनिट हेड आर.पी. सिंह तथा प्रबंधक आशीष पांडेय ने भी सभी खिलाड़ियों को उनकी उल्लेखनीय सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां विद्यालय के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय हैं तथा खेल प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
विद्यालय परिवार ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित अनमोल श्रीवास्तव सहित पूरी शतरंज टीम का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

