लक्ष्मी कुमार जायसवाल बने अध्यक्ष, रेल चलने तक संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प
कोन संवाददाता (जयदीप गुप्ता)। मेराल से भवनाथपुर होते हुए कोन और सलईबनवा को रेलमार्ग से जोड़ने तथा कोन से रेल चलाने की मांग को लेकर रविवार को कोन स्थित लक्ष्मी कुमार जायसवाल के सभागार में रेल चलाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, गढ़वा रघूराज पांडेय के नेतृत्व में आयोजित की गई। इसमें कोन क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
बैठक में रेल संघर्ष समिति गढ़वा, झारखंड के पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के लोगों ने सर्वसम्मति से लक्ष्मी कुमार जायसवाल को संघर्ष समिति का अध्यक्ष चुना। वहीं बृज कुमार जायसवाल, सुनील जायसवाल, विमलेश यादव, सुरेंद्र जायसवाल, श्रवण जायसवाल और अवधेश राय को उपाध्यक्ष बनाया गया। विजय शंकर जायसवाल एवं अलखनारायण जायसवाल को महामंत्री, जबकि शिवप्रसाद गुप्ता, धीरेन्द्र जायसवाल, विदेश निषाद, अजय जायसवाल, मंहगू राम, वसीउल हसन और प्रेमचंद यादव को मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
संतोष जायसवाल एवं संतोष पासवान कोषाध्यक्ष, शशांक शेखर मिश्रा संयोजक तथा वंशीधर, सुशील चतुर्वेदी, सुशील जायसवाल, जोखन यादव, राकेश तिवारी, रामकुमार जायसवाल, सुजीत यादव, हृदय निवास पांडेय, दिनेश गुप्ता और कमलेश कुमार को संरक्षक बनाया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कोन से रेल चलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने कहा कि कोन क्षेत्र आज भी विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। रेल सेवा शुरू होने से करीब पांच लाख लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने रेल चलने तक संघर्ष जारी रखने की शपथ ली।

