आस्था का पावन छठ पर्व पर व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य
चोपन(सवाददाता अशोक मद्धेशिया)छठ पर्व पर शाम होते ही नदियाें, पोखरों और तालाबों के छठ घाटों पर महिला श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। व्रती महिलाएं घुटने भर पानी में खड़ा होकर डूबते भगवान भास्कर को प्रथम अर्घ्य दिया। रात भर नगर व गांवों में छठ मईया के गीत गूंजते रहे। छठ व्रत रखने वाली महिलाएं शुक्रवार सुबह से ही तैयारी में लग गईं। विविध प्रकार के पकवान बनाए गए। इसे एक बड़े पात्र में रखा गया। सुबह से ही
निर्जल रहकर स्नानादि और श्रृंगार कर महिलाएं परिवार के लोगों के साथ छठ घाटों पर पहुंची। दीप प्रज्वलित कर छठ मईया की पूजा की गई। इसके बाद एक दीप गंगा मईया और एक दीप भगवान भास्कर को अर्पित किया। यह सब करने के बाद महिलाएं नदी, तालाब और पोखरों में कमर भर पानी में जाकर खड़ी हो गईं। भगवान भास्कर के डूबने पर उन्हें अर्घ्य दिया गया।
इसके बाद व्रती महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ घर लौट आईं। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह व्रत पूरा हो जाएगा। आगे बताते चले कि हर वर्ष की भांति इस बार कोविड-19 के चलते अधिकतर लोग मास्क पहने दिखाई दिए और तो और कुछ लोग सोसल डिस्टेंस और मास्क का पालन करते भी दिखे जबकि
आधे से ज्यादा श्रद्धालु और दर्शनार्थी बगैर मास्क के घाट पर नजर आए आदर्श नगर पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं के लिए मास्क व सेनेटाइजर की भरपूर व्यवस्था की गई थी मगर भारी भीड़ को देखते हुए कुछ ही समय में मास्क और शेर टाइगर खत्म हो गया लगभग 400 यूज एंड थ्रो मास्क पंचायत द्वारा वाटा गया

