राजस्व और वन बिभाग की मिली भगत से कीमती भूमि पर रातोरात भवन निर्माण जारी
बीजपुर(बग्घा सिंह)स्थानीय क्षेत्र के उत्तर पटरी पर खाली पड़ी बंजर और वन भूमि पर अवांछित तत्वों द्वारा रातोरात भवन निर्माण इस समय जोर पकड़ लिया है। खबर के अनुसार सड़क किनारे की बेशकीमती जंगल और बंजर की जमीन पर बिभागीय मिली भगत के तहत कौड़ियों के मोल जमीन बेचने का गोरखधंधा अधिकारी और कर्मचारी शुरू किए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार बाजार के उत्तर पटरी पर मोटर गैराज से लेकर पुनर्वास मंदिर तक जमीन लूट का खेल जारी है। बताया जाता है कि पहले प्लास्टिक और तिरपाल लगा कर घेरा जाता है फिर धीरेधीरे उसको ईटा तथा सीट से बना कर 20 से 30 लाख रुपये में बेचने का गोरखधंधा लगभग 15 दिन से जारी है। जानकारी के अनुसार जब से नए वन रेंज अधिकारी की नियुक्ति यहाँ हुई है तब से जमीन कब्जा अभियान तेज हो गया है। बताया जाता है कि रेंजर साहब का चालक इस समय उनका कारखास बना हुआ है। खनन हो या वन कटान अथवा वन भूमि पर कब्जा अभियान सब कुछ सेटिंग गेटिंग साहब के चालक के जिम्मे है। इतना ही नहीं इस काले कारनामे में क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व कर्मियों की भूमिका भी सन्दिग्ध बताई जा रही है। गौरतलब हो कि सरकार अवैध कब्जे को लेकर जहाँ करवाई कर रही है वहीं बिभागीय कर्मियों की मिली भगत से सरकारी जमीन पर कब्जा प्रशासन के लिए नाशूर बनता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि उच्चाधिकारियो को अनेक बार जानकारी देने के बाद भी कब्जेदारों पर ठोस करवाई न होना इसका मूल कारण बताया जा रहा है। इसबाबत वन रेज अधिकारी मोहम्मद जहीर मिर्ज़ा से जब बात करने की कोशिश की गई तो वे फोन उठाना मुनासिब नही समझे। उधर जब उप जिलाधिकारी दुद्धि रमेश चंद से बात की गई तो उन्हों ने कहा मैं अभी नया आया हूँ पूरी जानकारी नही है। फिलहाल शिकायत मिली है मैं जाँच कराकर ठोस करवाई करूंगा। इस बाबत जानकारी लेने पर प्रभागीय वनाधिकारी रेनुकोट एम पी सिंह से जब जानकारी ली गयी तो उन्हों ने रेंजर को फोन पर ही फटकार लगाई और तत्काल करवाई का निर्देश देते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का फरमान जारी कर दिया।

