कर्मा में गरीबों जरूरतमंदों को राहत सामग्री/लंच पैकेट बॉट युवा कांग्रेस ने मनाया इंदिरा गांधी की जयंती

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On: Thursday, November 19, 2020 1:51 PM

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कर्मा में गरीबों जरूरतमंदों को राहत सामग्री/लंच पैकेट बॉट युवा कांग्रेस ने मनाया इंदिरा गांधी की जयंती –
1- आयरन लेडी के नाम से जानी जाती थी इंदिरा जी
2-बैंकों के राष्ट्रीयकरण करने का काम किया इंदिरा गांधी जी ने
3-देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी इंदिरा गांधी जी
4- सोनभद्र में कांग्रेस द्वारा यहां के आदिवासी, बनवासी, दलित ,नौजवानों के लिए स्थापित की गई थी परियोजनाएं
 सोनभद्र:युवा कांग्रेस ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री /आयरन लेडी स्व0 इंदिरा गांधी जी की 103वी0 जयंती कर्मा के मदनिया में गरीबों/जरूरतमंदों को करोना महामारी को देखते हुए सैनिटाइज करा कर सोसल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हए उनके चित्र पर माल्यार्पण कर व राहत सामग्री/ लंच पैकेट बाटकर मनाया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आशुतोष कुमार दुबे (आशु) ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना महामारी में जिस प्रकार से देश की आर्थिक व्यवस्था से लेकर नौजवान , गरीब, दलित सब पर सीधे-सीधे प्रभाव पड़ा है उस स्थिति में हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व होता है कि बाहर निकल कर जरूरतमंदों की आवश्यकता की पूर्ति करने का काम करें । इस क्रम में भारतीय युवा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कनिष्क पांडे जी व राष्ट्रीय सचिव /प्रभारी पूर्वी जोन तनु यादव जी के निर्देश पर आज युवा कांग्रेस सोनभद्र ने यहां करमा के मदनीय में राहत सामग्री बाटकर उनकी जयंती मनाई और उनको याद किया । आशु दुबे ने कहा कि देश की आजादी के बाद सोनभद्र के दलित, आदिवासियों ,बेरोजगारों ,गरीबों, नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए जनपद में बड़ी कंपनियों एवं परियोजनाओं का निर्माण किया गया लेकिन पिछले 31 सालों में जब से उत्तर प्रदेश के अंदर गैर कांग्रेसी सरकारें रही हैं उन्होंने इस क्षेत्र के उपरोक्त सभी वर्गों को उनकी वरीयता से अलग रखने का काम किया जिसका परिणाम यह है कि आज यहां का नौजवान दर-दर की ठोकरें खाने को विवस है । आज देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी का जन्मदिन है। आज से 103 साल पहले 19 नवंबर को ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इंदिरा जी का जन्म हुआ था। इंदिरा गांधी जी भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रही हैं। जनवरी 1966 से लेकर मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से लेकर अक्तूबर 1984 (जब इंदिरा की हत्या हुई) तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। इंदिरा और आपातकाल के बारे में तो पूरा देश जानता है। साथ ही उनके एक फैसले ने बैंकिंग व्यवस्था ही बदल दी।19 जुलाई 1969 तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक फैसले ने देश की पूरी बैंकिंग प्रणाली बदल दी थी।भारत में सबसे पहला राष्ट्रीयकृत बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) था। इसका राष्ट्रीयकरण 1955 में ही कर दिया गया था। फिर 1958 में एसबीआई के सहयोगी बैंकों को भी राष्ट्रीयकृत कर दिया गया।
सबसे बड़े पैमाने पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में इंदिरा गांधी ने किया। 14 बड़े बैंकों का एक साथ राष्ट्रीयकरण हुआ जिसमे बैंक ऑफ इंडिया,पंजाब नेशनल बैंक,सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,इंडियन बैंक,
बैंक ऑफ बड़ौदा,देना बैंक,यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक,केनरा बैंक,इलाहाबाद बैंक,
यूनाइटेड बैंक,यूनियन बैंक ऑफ इंडिया,
इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र,प्रमुख रहे ।राष्ट्रीयकरण की मुख्य वजह बड़े व्यवसायिक बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली ‘क्लास बैंकिंग’ नीति थी,कृषि, लघु व मध्यम उद्योगों, छोटे व्यापारियों को सरल शर्तों पर वित्तीय सुविधा देने, आम लोगों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीयकरण किया गया। 1967 में जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं तो बैंकों के राष्ट्रीयकरण का प्रस्ताव रखने से लोगों में संदेश गया कि इंदिरा गरीबों के हक की लड़ाई लड़ने वाली प्रधानमंत्री हैं ,बैंकों के राष्ट्रीयकरण का प्रस्ताव लाया गया, उसका नाम था ‘बैंकिंग कंपनीज ऑर्डिनेंस’।

बाद में इसी नाम से विधेयक पारित हुआ और कानून बना। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की शाखाओं का बड़े पैमाने पर और तेजी से विस्तार हुआ।आंकड़ों पर गौर करें, तो जुलाई 1969 में देश में बैंकों की कुल 8322 शाखाएं थीं। मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में युवा कांग्रेस रॉबर्ट्सगंज विधानसभा अध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, घोरावल विधानसभा सचिव दशरथ त्रिपाठी, संदीप कुमार, रामचंद्र ,जोखन, सुमारू ,पतिराम उपस्थित रहे ,कार्यक्रम का संचालन युवा कांग्रेस कर्मा ब्लॉक अध्यक्ष इंद्रजीत शुक्ला जी ने किया ।

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