अपर जिलाधिकारी से जांच का आश्वासन मिलने के बाद हाई टेंशन टावर से उतरा युवक
रविवार देर रात टावर से उतरते ही जिला प्रशासन ने लिया राहत की सांस
धरने का ब्लॉक के अधिकारी यदि संज्ञान में लिए होते तो आलाधिकारियों की नही होती फजीहत
म्योरपुर(सत्य पाल सिंह)विकास खंड के ग्राम पंचायत देवरी में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यो की जांच न होने पर विजय गुप्ता के हाई टेंशन टावर पर चढ़ने को लेकर रविवार को जिला प्रशासन में हड़कम्प मच गया था।दिनभर म्योरपुर व बभनी पुलिस सहित सीओ पिपरी ,बीडीओ म्योरपुर द्वारा विजय गुप्ता को टावर से उतरने हेतु काफी मानने के बाद भी विजय टावर से नही उतरा और अपनी मांग पर अड़ा रहा।आधी रात को जब अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह और एडिशनल एसपी द्वारा मौके पर पहुंचकर पूर्ण जांच का आश्वसन दिया गया तब जाकर विजय गुप्ता टावर से उतरा।तब जाकर प्रशासन राहत की सांस लिया।हालाकिं सोमवार को पुलिस ने युवक को शांति भंग की धारा 151 के तहत कार्यवाही कर चालान कर दिया है।गावँ के ग्रामीणों की माने तो विजय गुप्ता का टावर पर चढ़ना मजबूरी बन गयी थी क्योंकि जब 13 नवम्बर से गांव में स्थित एकला महुआ के पास मनरेगा कार्यो की जांच की मांग को लेकर धरना पर कुछ ग्रामीणों के साथ बैठा तो उसी वक्त ब्लॉक के अधिकारियों द्वारा पहुंचर समस्या का निराकरण कर
दिया गया होता तो जिला प्रशासन को इतनी फजीहत नही हुई होती।लेकिन कोई भी अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचा ही नहीं , जबकि उसने वाट्सएप/फोन/फेसबुक के माध्यम से नियमित स्थानीय अधिकारियों को अवगत कराता रहा।कुछ स्थानीय ग्रामीणों की चर्चाओ पर यदि गौर करे तो मनरेगा के कार्यो की निष्पक्ष जांच से कार्यो में काफी अनियमितता सामने आ सकती है।इस संदर्भ में जब बीडीओ म्योरपुर प्रदीप पांडेय से संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नही साधा जा सका।

