अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। सोननदी तट के किनारे स्थित बैरियर रामलीला मैदान में चल रहे 10 दिवसीय रामलीला का मंचन में गुरूवार की रात कलाकारों ने राम वन गमन से लेकर भरत मिलाप तक का सुंदर मंचन किया। राम वन गमन देख श्रोता की आंखें जहां नम हुई, वहीं राम-भरत मिलाप का मार्मिक दृश्य ने भी दर्शकों को भाव विभोर किया।
राजा दशरथ के वचन पालन करते हुए राम चंद्र जी लक्ष्मण व माता सीता के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैं। पूरा अयोध्या उनके संग उमड़ पड़ता है। जैसे-तैसे अयोध्या वासियों को समझा-बुझा कर वापस भेज देते हैं
। इधर जब भरत अयोध्या वापस लौटते हैं, तो उन्हें राम के वनवास की खबर लगती है। वह बेचैन हो उठते हैं और राज-पाट को त्याग कर राम जी को वापस बुलाने के लिए रवाना हो जाते हैं। वन में जब उनकी मुलाकात राम जी से होती है, तो दोनों भाइयों की मुलाकात के मार्मिक दृश्य का मंचन कलाकार बहुत ही सुंदर ढंग से करते हैं। भरत को बहुत समझाया जाता है, परंतु वह नहीं मानते हैं, लेकिन अंत में भरत कहते हैं कि आप अपना खड़ाऊ हमें दे दें, उसी के अधीन आपके सेवक के रूप में राज का कार्य भार देखता रहूंगा। इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील सिंह महामंत्री रामसुन्दर निषाद,संरक्षक महानन्द, पाण्डेय विद्याशंकर पाण्डेय राजा मिश्रा,सत्यप्रकाश तिवारी,प्रदीप अग्रवाल,अजय सिंह,विकास चौबे मनीष तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद दुबे ने किया।।
बैरियर रामलीला मैदान में भरत-मिलाप का मार्मिक मंचन हुआ।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Friday, October 7, 2022 6:04 AM
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