अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। इसे प्रतिवर्ष (17) सितंबर को पूरे धूम-धाम से मनाया जाता है। इस पूजा को हिंदू समुदाय द्वारा एक प्रमुख त्योहार के रूप में मनाया जाता है। अगर आप नहीं जानते तो आपको बता दूँ की भद्रा के अंतिम दिन, जिसे कन्या संक्रांति या भद्रा संक्रांति के नाम से जाना जाता है, इसी दिन यह उत्सव मनाया जाता है।
यदि आपके मन में अभी भी ये संका है की आख़िर “विश्वकर्मा पूजा क्यों मनाया जाता है” तब आपको बता दूँ की श्रमिक अपने खेतों और कारखानों में अपनी दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं।
वैसे तो पूरे भारत में हम बहुत सारे धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ कैसे सारे पर्व मानते हैं, लेकिन उनमें विश्वकर्मा पूजा का एक अलग ही स्थान है। तो आज के इस आर्टिकल में चलिए हम आपको बताते हैं कि किस तरह से आप विश्वकर्मा पूजा मना सकते हैं और भगवान विश्वकर्मा पूजा के बारे में सुनी और अनसुनी बातें। उससे पहले गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है *जरुर पढ़ें।*

*भगवान विश्वकर्मा कौन है*
भगवान विश्वकर्मा जी देवताओं के शिल्पकार थे। इसलिए इन्हें शिल्प के देवता के नाम से भी जाना जाता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की इनके पिता का नाम वास्तु था, जो धर्म की सातवीं संतान थे, और धर्म ब्रम्हा जी के पुत्र भी थे।
*विश्वकर्मा पूजा क्यूं मनाया जाता हैं।*
हिन्दू धर्म में विश्वकर्मा को सृष्टि निर्माण एवं सृजन का देवता माना जाता है। पौराणिक काल में विशाल महलों, हथियारों और भवनों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा जी ही करते थे।
इस वजह से आज के समय में हम विश्वकर्मा पूजा के दिन लोहे के सामानों जैसे औजारों, मशीनों और दुकानों की पूजा होती है और इस दिन अधिकतर दफ्तर बंद ही रहते हैं।
*विश्वकर्मा जयंती क्या होता है*
मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा पूजा के दिन विशेष तौर पर औजारों, निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों, दुकानों, कारखानों आदि की पूजा की जाती है। माना जाता है कि विश्वकर्मा की पूजा से जीवन में कभी भी सुख समृद्धि की कमी नहीं रहती।
विश्वकर्मा पूजा क्यूं मनाया जाता हैं,आइएं जानते हैं इस पूजा का क्या हैं महत्व।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Saturday, September 17, 2022 8:37 AM
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