_तपन प्रारम्भ होते ही झोलाछाप डॉक्टरों के यहा मरीजों की लगी कतार_
_सोनभद्र:उमेश कुमार सिंह अनपरा थाना अंतर्गत वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग माँ दुर्गा अष्ट भुजी मंदिर डिबुलगंज समीप न्यू संध्या मेडिकेयर अस्पताल में बुखार आने पर पुष्पा तिवारी पुत्री राजेन्द्र तिवारी निवासी कुलडोमरी टोला खजुरा अनपरा सोनभद्र ने आरोप लगाया कि अपनी ईलाज करवाने बीते दिनों गयी थी। डॉक्टर ने मरीज से २६०००रुपये नगद लेकर भर्ती कर १७बोतल ग्लूकोज (पानी)डीएनएस व इंजेक्शन सेल्बेक़तम एसबी लगा दिया पुष्पा तिवारी की तबियत अत्यधिक बिगड़ते देख डॉक्टर ने उसे निजी चिकित्सालय सदभावना औड़ी को रेफर कर दिया।सदभावना के डॉक्टर ने बताया कि मरीज को अधिक डीएनएस ग्लूकोज पानी चढ़ाने के कारण फेफड़े में पानी भर गया है। इन्हें भर्ती करना पड़ेगा।पांच दिन ईलाज के दौरान मरीज की स्वास्थ्य ठीक हो गया खतरे से बाहर हैं। मरीज घर पर है। पीड़िता का भाई माता प्रसाद ने कुछ गांव के सभ्रांत लोगों के साथ जाकर न्यू संध्या मेडिकेयर अस्पताल के डॉक्टर से बातचीत समझौता कर रुपये१३००० वापस लिया। ग्रामीणों का कहना हैं।कि पुष्पा की तो जान बच गयी लेकिन अन्य कोई इनका शिकार न हो जाये उर्जान्चल में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। चाय की गुमटियों जैसी दुकानाें में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से। सभी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर करने को तैयार हो जाते हैं स्वास्थ्य विभाग भले ही ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का दम्भ भरे,लेकिन सही मायने में यह अभियान खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह गयी है।उर्जान्चल क्षेत्र में बिना डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें मरीजों से भरी पड़ी हैं। गर्मी व तपन बढ़ने के कारण इन दिनो उल्टी, दस्त, बुखार,कोरोना संक्रमण जैसी बीमारियां ज्यादा पनप रही हैं। झोलाछाप इन मर्जों का इलाज ग्लूकोज की बोतलें लगाने से शुरू करते हैं। जिससे कोरोना संक्रमण जैसी बीमारी फैलने की आशंका बनी हैं।क्षेत्र में ऐसे डॉक्टरों की भरमार है और न ही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं।ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं है। जानकारी होने के बावजूद भी इन झोलाछापों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जगह-जगह क्लीनिक संचालित कर मरीजों को दवाइयां देकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।मरीजो को मौत की चौखट पर पहुँचा रहे हैं। उर्जान्चल वासियों में इसको लेकर रोष व्याप्त हैं।जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते है।इन झोलाछाप डॉक्टरों पर तत्काल कार्यवाई करे जिससे गरीब मजदूर लुटा न जा सके और उनके स्वास्थ्य से खेलवाड़ न हो एवं मौत से बचाया जा सके_

