नहीं समझ आ रही राजनैतिक दलों की चुप्पी
सोनभद्र जनपद की सीमा से सटे बिहार राज्य के देवरी गांव में दो बलात्कारियों की दरिंदगी पर समूचा इलाका सन्न है। दो दरिंदों ने एक मासूम बालिका के साथ बलात्कार करने के बाद क्रूर तरीके से हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन इस मामले में विपक्षी दल एकदम मौन हैं। क्या इस मौन का कारण यह माना जाय कि दोनों ममता के राज्य के है और दोनों मुस्लिम हैं। आखिर इस चुप्पी का राज क्या है।
सोनभद्र की सीमा से सटे अधौरा थाना क्षेत्र के देवरी गांव में राजकीय महाविद्यालय भवन का निर्माण कार्य हो रहा है। उस भवन निर्माण में सभी श्रमिक पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के हैं। एक मजदूर दरभंगा जिले का है। 6 अक्टूबर की शाम गांव की एक 10 वर्षीय लडक़ी घर से गायब हो गई। सुबह उसकी लाश स्कूल परिसर में मिलते ही हड़कम्प मच गया। सूचना मिलते ही भभुआ डी एस पी सरिता कुमारी भी मौके पर पहुंचीं। मौके पर मौजूद दरभंगा के श्रमिक ने बताया कि मालदा जिले के मुर्शिद व कुर्बान शराब के नशे में थे। वहीं दोनों इस लड़की को लेकर स्कूल की तीसरी मंजिल पर गए । दोनों ने लड़की के साथ बलात्कार किया इसके बाद उसे रॉड से पीटा फिर नीचे फेंक दिया। पुलिस के सामने दोनों ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया। अभी जांच जारी है लेकिन इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत कोई भी विपक्षी दल दोनों आरोपियों के बारे में कोई बयान नही दिया है।
बयान न देने के पीछे का कारण ममता बनर्जी बताई जा रहीं हैं। कहा जा रहा है कि अल्पसंख्यक नाराज न हों इसे भी ध्यान दिया जा रहा है। इतनी जघन्यतम वारदात पर राजनैतिक दलों की चुप्पी से इलाके में अजीब सी भयावहता कायम है।

