म्योरपुर(सत्य पाल सिंह)सोनभद्र कहते हैं मेठ के रूप में काम करना, केवल पुरूषों का ही है, महिलाएं इस काम को नहीं कर सकती। लेकिन यह सब मिथक तोड़ दी उ.प्र. मुख्यमंत्री.आदित्यनाथ योगी के हाथों सम्मानित सुपांचुआं गांव की कौशल्या देवी सहित मनरेगा से जुड़ी सैकड़ो महिला मेठों ने। बीते दिन लखनऊ के महात्मा गांधीं नरेगा सम्मेलन 2021 में म्योरपुर ब्लॉक, सुपाचुआ गांव की मनरेगा से जुड़ी महिला मेठ कौशल्या देवी अपने गांव से पलायन करने वाले दर्जनों मजदूरों को मनरेगा के जरिये गांव में नियमित रोजगार दिलाने का उत्कृष्ट काम किया। कौशि्ल्या का बचपन बभनी ब्लाक के चौना गांव में रहा है। उनका दशवीं तक की शिक्षा-दीक्षा बनवासी सेवा आश्रम द्वारा संचालित जीवनशाला बकुलिया से हुआ है। जीवन बकुलिया के पूर्व प्रधानाध्यापिका इन्दुबाला बताती है शुरु से ही कौशिल्या को किसी काम को लगन व ईमानदारी पूर्वक करने की आदत रही है। कौशिल्या बताती है कि यह सम्मान केवल मेरा नहीं सभी महिला मेठों का है। जानकारी के लिए सोनभद्र में कोशिल्या के अलावा जुगैल ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक सुमित कुमार को भी प्रदेश में सबसे अधिक मानव दिवस सृजन करने का मिला है। इस काम जुगैल आश्रम से जुडे़ स्वयंसेवकों की अहम् भूमिका मानी जा रही है। यह सम्मान म्योरपुर व चोपन ब्लाक सहित पूरे जिले का मान बढाया है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के हाथों सम्मानित होकर कौशल्या देवी ने महिला मेठों का मान बढ़ाया
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