ओबरा – कनहरा दो साल से कनहरा गांव में 10 के वी का ट्रांसफार्मर जल गया। जो किन्ही कारणों से जला गया। जिसकी शिकायत ग्राम वासियों द्वारा लाइनमैन से शिकायत गई लाइनमैन ने ग्रामवासियों को आश्वासन भी दिया कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा। पर अभी दो साल के बाद भी वहां की जनता बरसात के मौसम में विद्युत विहीन है । जिससे कभी भी जहरीले जीव जंतुओं से आकस्मिक दुर्घटना घटित होने का डर बना हुआ है । जिस ओर बिजली विभाग के वर्तमान जूनियर इंजीनियर ब्रह्मदत्त द्वारा फोन से वार्ता के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखे गए।। साथ ही साथ इस संदर्भ में उनसे बात की गई । जूनियर इंजीनियर द्वारा अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया गया,। लेकिन अभी तक कोई भी सुविधा ग्रामवासियों को नहीं मिली । 23 जुलाई 2021 को आनलाइन कम्पलेन की गई,वहा जब एक ग्रामवासियों ने जे ई ब्रमदत्त को अपनी परेशानी से अवगत कराया तो उनके द्वारा कहा गया कि पहले जा कर सभी ग्रामवासियों से बकाया राशि का भुक्तान कराओ तभी ट्रांसफार्मर बदला जाएगा। अब अब सवाल यह उठता है कि सरकार की मंशा के अनुरूप क्या वहां के नौकरशाह कार्य को अमलीजामा पहनाने में लगे हैं कि सरकार की छवि को और भी धूमिल कर अपना वर्चस्व बनाने में लगे हैं। सोनभद्र का कनहरा गांव काफी
इंटीरियर क्षेत्र के अंतर्गत आता है जिसकी समस्याएं वहां की जनता द्वारा उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है जिससे वहां के कार्यरत कर्मचारी अपनी मनमानी करते रहते हैं जिससे जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामवासी को क्या यह अधिकार है कि वो सबके घर जाकर बकाया राशि का भुक्तान करा सके।
सरकार की बिजली जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं पर सरकारी कर्मचारी लगा रहे हैं बट्टा , सरकार की छवि खराब करने मे लगे नौकरशाह
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