(सरफुद्दीन संवाददाता सलखन)
सलखन सोनभद्र सलखन सुईयां चट्टान में ईदुलजुहा (बकरीद)की नमाज़ मुस्लिम भाइयों ने बड़े अकीदत और शांति पूर्ण माहौल में अपने मुहल्ले और गाँव की मस्जिदों में अदा की l शासन से कोरोना गाइडलाइन का जो आदेश निर्देश हुआ था उसी गाईड लाइन का पालन करते हुए सलखन के इमाम मौलाना गुलाम रब्बानी ने सलखन में सुबह 8 बजे पांच मुस्लिम बन्धुओ को नमाज पढ़ाया तथा भारत देश मे अमन चैन तथा देश से कोरोना वायरस खत्म होने की दुआ मांगी इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से बकरीद का त्योहार 12वें महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है. रमजान का महीने खत्म होने के 70 दिन के बाद बकरीद का त्योहार मनाया जाता है बकरीद
के दिन आखिर क्यों कुर्बानी दी जाती है. ये भी आपको बताते हैं. दरअसल इस्लामिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम अपने पुत्र हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान करने जा रहे थे तो अल्लाह पाक ने जन्नत से एक दुम्बा भेजकर उनके पुत्र को जीवनदान दे दिया था. उन्हीं की याद में यह पर्व मनाया जाता है. ये कुर्बानी पैगम्बर इब्राहीम अलैहिस्सलाम के जमाने में शुरू हुई । इस्लाम में कई सारे पैगम्बर आये हैं. पैगम्बर अल्लाह के दूत या मैसेंजर को कहा जाता है. सलखन के सदर मजनू शाह ने बताया कि पीस कमेटी के बैठक में 50 लोगो को नमाज अदा करने का परमिशन मिला था लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सिर्फ पांच लोगों को थाना प्रभारी द्वारा निर्देश दिया गया जिसके अनुपालन में पांच पांच लोगों ने नमाज अदा किया बाकी अवाम ने अपने अपने घरों में नमाज अदा किया । (कोविड 19) गाइड लाइन का पालन करते हुए पांच लोगों ने मस्जिद में नमाज अदा किया उन्होंने बताया कि सलखन सहित गुरमा गांव में भी 5 मुस्लिम समुदाय के लोगो ने नमाज अदा किया है। सुरक्षा के मद्देनजर हेड कांस्टेबल हवलदार यादव कांस्टेबल हरिश्चंद्र रामबाबू मौके पर मय फोर्स मौजूद रहे।

