रजखड़ लौआ नदी तट पर हुआ अंतिम संस्कार
अपने तीन बच्चों व पत्नी को दुनिया मे छोड़ चले ।
सौम्य स्वभाव के सीधे साधे मृदुभाषी मिलनसार थे, स्वर्गीय दया शंकर मौर्य
दुद्धी(रविसिंह)सोनभद्र:अंतर्गत आज प्रातः हर्ष हॉस्पिटल के प्रबंधक दयाशंकर मौर्य उम्र लगभग 43 वर्ष निवासी वार्ड 2 दुद्धी सोनभद्र के निधन का खबर मिलते ही शोक की लहर नगर में मातम सा छा गई, परिजनों के अनुसार उनकी तबीयत खराब कई दिनों से चल रही थी स्थिति में सुधार नहीं होता देखकर वाराणसी छाया हॉस्पिटल में बेहतर उपचार हेतु भेजा गया, परंतु मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित दयाशंकर मौर्य के हालत में सुधार होने की बजाय स्थिति बिगड़ती गई और उनका देहावसान हो गया,आज पैतृक गाँव डुमरडीहा से रजखड लौआ नदी तट पर उनका दाह संस्कार कर दिया गया, ज्ञात कराना है कि जनसंदेश अखबार के दुद्धी संवादाता के रूप में भी उन्होंने कार्य किया था, दयाशंकर मौर्य बहुत ही सौम्य स्वभाव मृदुभाषी व मिलनसार व्यक्ति थे।और अपनी धर्मपत्नी डॉक्टर ममता मौर्या के साथ चिकित्साकीय
सेवा के क्षेत्र में कार्य कर एक अच्छा मुकाम हासिल किया था, दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष में हमेशा योगदान रहता था, इनका दाह संस्कार बौद्ध धर्म के अनुसार सभी लोगों के द्वारा प्रार्थना कर घर के पाँच लोगो के द्वारा कैंडल से चिता को आग दी गई एवं जब नन्हे बच्चों ने कंधा और मुखाग्नि दिया तो लोगों की आंखें भर आई, स्वतंत्र पत्रकार समिति दुद्धी सहित प्रबुद्धजनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता है l

