पसीने से लतपथ चिकित्सक व मरीज बिता रहे हैं ,अस्पताल समय
चिकित्साधिकारी को कोई फर्क नहीं
दुद्धी( रवि सिंह)सोनभद्र:आदिवासी बाहुल्य, नक्सल प्रभावित, अति दुरूह पिछड़े क्षेत्र के तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी मैनेजमेंट की लापरवाही के कारण दुर्व्यवस्थाओ का शिकार हो रहा मीडिया की पड़ताल में महिला चिकित्सक स्मिता सिंह कई महीने से खराब पंखों के बीच गर्मी में लगभग प्रतिदिन 100 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशु का उपचार कर रही हैं। उनके ओ पी डी में कमरें से खुद लाया हुआ निजी पंखा लगा था, यही हाल कई अन्य चिकित्सक के ओपीडी का रहा, जनरल वार्डो में भर्ती मरीजों से जब इसकी पड़ताल की गई तो कई पंखे खराब पड़े थे, गर्भवती महिलाओं नवजात शिशुओं के वार्ड का भी यही हाल रहा, एलईडी टीवी शो पीस बना पड़ा है जो सरकार के उपक्रम एवं अन्य मनोरंजन के साधन का माध्यम टीवी निष्क्रिय दिखा, कई कर्मचारी तफरी मारने और गुटबाजी में मशगूल रहते हैं, जिसके कारण चिकित्सक से लेकर मरीज दुर्व्यवस्थाओं के कारण मनोरोग के शिकार हो रहे हैं, साफ सफाई व्यवस्था भी बे पटरी हैं, बागवानी के लगे पेड़ पौधे रखरखाव के अभाव में सूख रहे हैं,सुदूर क्षेत्र से लोग इलाज कराने के लिए अस्पताल आते हैं और सरकार जन सुविधाओं के लिए
पूरी व्यवस्था दे रखा है। परंतु गैर जिम्मेदार लोग अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे, सूत्रों की माने तो विभिन्न मदों में जांच से लेकर अन्य मदों में सुविधा शुल्क लिया जा रहा, जिलाधिकारी महोदय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय सोनभद्र दुर्व्यवस्थाओं का संज्ञान लेंकर समुचित कार्यवाही करें, जिससे जनकल्याणकारी चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ आम जनों को पूर्ण रूप से निःशुल्क मिल सके। और उनका बेहतर इलाज सुचारू रूप से हो सके एवं गर्मी के महीनों में भर्ती हुए मरीजों को आराम की सुविधा उपलब्ध हो सके।। सरकार द्वारा स्वास्थ्य पर किए जा रहे हैं खर्चे का उपयोग आदिवासी बहुल क्षेत्र के लोगों को भी मिल सके जो सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में दी जाती है।।

