महिला की जमीन विवादित बताकर बैनामा का पैसा वापस लिए जाने एवं कपटपूर्वक खारिज दाखिल कराने का मामला
सोनभद्र। सीजेएम महेंद्र कुमार की अदालत ने शनिवार को धोखाधड़ी के मामले में छह लोगों के विरुद्ध राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश दिया है। यह आदेश पिपरी थाना क्षेत्र के तुर्रा निवासी गीता सिन्हा के अधिवक्ता सेराज अख्तर खां के जरिए दाखिल 156(3) सीआरपीसी के प्रार्थना पत्र पर दिया गया है।
गीता सिन्हा ने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौली गांव निवासी बसंत बहार स्वीट्स के मालिक रमेश केशरी ने 14 जुलाई 2015 को उसकी टॉड का डौर उर्फ राबर्ट्सगंज में वार्ड नम्बर 12 विकास नगर मंडी मोहाल स्थित भूमि आराजी नम्बर 597 का बैनामा कराया गया। कुछ ही दिनों बाद भूमि को विवादित बताकर उसे डराया धमकाया जाने लगा। अपनी जान बचाने के लिए उसने बैनामा से प्राप्त धनराशि 7 लाख 50 हजार रुपये जिसमे दो चेक क्रमशः 4 लाख व 3 लाख रुपये तथा 50 हजार नगद 24 अगस्त 2015 को वापस कर दिया। उसे आश्वासन दिया गया कि उक्त जमीन की बिक्री पुनः उसके हक में करते हुए जमीन वापस कर देगा। लेकिन उसने कपटपूर्वक धोखाधड़ी करके दाखिल खारिज करा लिया। जब इसकी जानकारी हुई तो रमेश केशरी से पूछताछ किया गया तो सभी लोग जान मारने की धमकी देने लगे। जिसके सदमे से 27 जनवरी 2019 को हार्ट अटैक आने से पति की मौत हो गई। रमेश केशरी ने एक साजिश के तहत चौहद्दी बदल कर नाजायज लाभ लेने के लिए 12 जनवरी 2018 को वाराणसी की मीनू झा से अपने नाम बैनामा करा लिया। जब 13 दिसम्बर 2020 को सुबह 10 बजे रमेश केशरी से बात किया तो गाली देने लगे और जन मारने की धमकी भी दिया। इसकी सूचना राबर्ट्सगंज कोतवाली को उसी दिन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तब 21 दिसम्बर 2020 को एसपी को सूचना दिया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने संज्ञेय अपराध मानते हुए उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश राबर्ट्सगंज कोतवाल को दिया है।

