कोन(जयदीप गुप्ता)। सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र के पीपरखाड़ गांव में गुरुवार की सुबह उस समय हृदयविदारक दृश्य उत्पन्न हो गया, जब छत्तीसगढ़ से अलग-अलग एम्बुलेंस द्वारा तीन युवकों के शव गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे, जिससे माहौल गमगीन हो उठा तीनों युवक छत्तीसगढ़ काम करने गए थे।

छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के सिंहीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में इन तीनों युवकों की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन ने मृतकों की पहचान कराते हुए उनके शव परिजनों को सौंप दिए।
मृतकों में सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र के पीपरखाड़ गांव के बरवाहा टोला निवासी 40 वर्षीय राजूराम पुत्र चरित्र राम, उनके चचेरे भाई 31 वर्षीय बृजेश पुत्र जवाहिर तथा केवाल टोला निवासी 25 वर्षीय पंकज पुत्र सुभाष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों युवक लगभग तीन माह पूर्व रोज़गार की तलाश में उक्त प्लांट में कार्य करने गए थे। 14 अप्रैल की दोपहर लगभग ढाई बजे प्लांट के यूनिट नंबर-1 में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर तीनों की जान चली गई।
मृतकों के परिवारों की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई जा रही है। पंकज के परिवार में दो छोटी बेटियां (6 वर्ष व 3 वर्ष) हैं। उनके पिता अस्वस्थ रहते हैं और बड़े भाई अलग रहते हैं, ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी पंकज पर ही थी। वहीं बृजेश अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके दो छोटे पुत्र (3 वर्ष व 1 वर्ष) हैं। बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल भी उन्हीं के कंधों पर थी।
राजूराम के परिवार में दो पुत्र (15 वर्ष व 12 वर्ष) तथा एक पुत्री है, जिसकी शादी हाल ही में तय हुई थी। होली पर घर आए राजूराम ने बेटी का विवाह सुनिश्चित कर पुनः कार्य पर लौटे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
तीनों शवों का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर कचनरवा स्थित पांडु नदी के तट पर स्थित श्मशान घाट में किया गया, जहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

