म्योरपुर में धूमधाम से मना गुरुनानक जी का 553वा प्रकाश उत्सव

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सत्यपाल सिंह

म्योरपुर/सोनभद्र
म्योरपुर स्थानीय कस्बा स्थित गुरुद्वारा परिसर में मंगलवार को गुरुनानक जी के 553वा प्रकाशपर्व के अवसर पर सिख समुदाय के सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने गुरु ग्रन्थ साहब के आगे माथा टेका गुरुद्वारा के पुजारी सतवीर सिंह के द्वारा अरदास किया गया इस दौरान श्रद्धालुओ के लिये आयोजन समिति ने कड़ा प्रसाद व लंगर की ब्योस्था किया गया था गुरुद्वारे के पुजारी सतबीर सिंह ने बताया कि
सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म पौष सुदी 7वीं सन् 1666 को पटना में माता गुजरी तथा पिता श्री गुरु तेगबहादुर जी के घर हुआ था उस समय गुरु तेग बहादुर जी बंगाल में थे और उन्हीं के वचनानुसार बालक का नाम गोविंद राय रखा गया था। पंजाब में जब गुरु तेग बहादुर के घर सुंदर और स्वस्थ बालक के जन्म की सूचना पहुंची तो सिख संगत ने उनके अगवानी की बहुत खुशी मनाई। उस समय करनाल के पास ही सिआणा गांव में एक मुसलमान संत फकीर भीखण शाह रहता था। उसने ईश्वर की इतनी भक्ति और निष्काम तपस्या की थी कि वह स्वयं परमात्मा का रूप लगने लगा। पटना में जब गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ उस समय भीखण शाह समाधि में लिप्त बैठे थे, उसी अवस्था में उन्हें प्रकाश की एक नई किरण दिखाई दी जिसमें उसने एक नवजात जन्मे बालक का प्रतिबिंब भी देखा। भीखण शाह को यह समझते देर नहीं लगी कि दुनिया में कोई ईश्वर के प्रिय पीर का अवतरण हुआ है। यह और कोई नहीं गुरु गोविंद सिंह जी ही ईश्वर के अवतार थे।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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