सोनभद्र। भगवान अपने भक्तों का उद्धार करने और उन पर कृपा करने के लिये अवतार लेते हैं. अपनी अनोखी लीला के माध्यम से लोक रंजन करते हुये भक्तों को आनंद प्रदान करते हैं. भगवान श्रीकृष्ण की मंगलमय बाल लीला एक ओर भक्तों के हृदय को आह्लादित करती है, वहीं खेल-खेल में दुर्जन शक्तियों का संहार व लोक संग्रह का काम करती है। यह बातें राबर्ट्सगंज शहर के विकास नगर कालोनी आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पांचवें दिन कथा वाचक कुणाल जी महाराज ने कहीं।
कथा वाचक कुणाल जी महाराज ने कहा कि गो-गोपी के साथ भगवान की भाव भरी लीलाएं मानव के हृदय को सहज ही भक्ति के गंगोत्री प्रवाह में डुबकी लगवाती है। परमात्मा का स्वरूप रसमय है। ऐसा उपनिषद कहते हैं। कहा कि श्रीकृष्ण का नाम कीर्तन, ध्यान, स्मरण, जप, अर्चन, स्त्रोत गीतादि त्रिविध ताप से मानव जीवन को उबारती है और परमानंद की प्राप्ति कराती है। कहा कि श्री कृष्ण माखन चोरी, कालिया मर्दन, गोचारन आदि से ऋषि-कृषि परंपरा का संदेश दिया है। महाराज जी का अभिनंदन आयोजक अनंत राम वर्मा ने किया। इस मौके पर मुख्य यजमान मालती देवी, अमिय कुमार वर्मा, पं. राहुल पाण्डेय, मोनी वर्मा, सीमा द्विवेदी, संगीता, मंजूसा वर्मा, विनीता, मीना सिंह आदि मौजूद रही।

