घोरावल(पी डी)शिक्षा क्षेत्र घोरावल के परिषदीय कम्पोजिट विद्यालय घोरावल-1 में तहसीलदार घोरावल ज्ञानेंद्र यादव ने अपनी सुपुत्री श्रेया का कक्षा-2 में अध्ययन हेतु प्रवेश करा कर नया कीर्तिमान कायम किया है।
शुक्रवार सुबह विद्यालय के सभी शिक्षक रोजमर्रा की भांति अपने शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त थे कि अचानक तहसीलदार साहब की गाड़ी देख चौंक गए। पहले तो उन्हें लगा कि तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव विद्यालय के निरीक्षण के बाबत आये हैं परंतु साथ मे उनकी बेटी श्रेया को देख मालूम हुआ कि तहसीलदार अपनी सुपुत्री का नामंकन परिषदीय विद्यालय में कराने आये है तो उनकी आश्चर्यमिश्रित खुशी का ठिकाना नही रहा। खण्ड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने छात्रा श्रेया का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इससे आम जनमानस भी अपने बच्चों का एडमिशन परिषदीय स्कूलों में कराने को प्रेरित होंगे।
एक तरफ अधिकांश उच्च पदस्थ अधिकारी अपने बच्चों का प्रवेश शैक्षणिक दृष्टि से उच्चस्थ विद्यालयों में ही कराते हैं या एडमिशन की मंशा रखते हैं परन्तु प्रगति के नव आयाम के मद्देनजर तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव ने अपनी सुपुत्री का दाखिला घोरावल बी.आर.सी. बिल्डिंग परिसर में संचालित परिषदीय कम्पोजिट स्कूल में करा कर इस आदिवासी वनवासी गिरिवासी बहुल जनपद में अनोखा श्रेय स्थापित किया है। यह अजूबे अचम्भे की बात हर खासोआम में चर्चा का विषय बनी है। बताते चलें कि इसके पूर्व भी दुद्धी तहसील में तैनाती के दौरान पुत्री श्रेया का एडमिशन प्राथमिक विद्यालय दुद्धी में ही तहसीलदार ने कराया था।
आम नागरिकों ने तहसीलदार के इस कदम की काफी सराहना करते हुए कहा कि यदि सभी अधिकारी ऐसा निर्णय लेने लगे तो सरकारी स्कूलों की समस्याएं तो दूर हो ही जाएं और गौर किया जाए तो अभी तक अधिकांश आईएएस, पीसीएस व उच्चाधिकारी गांव-गिरांव के प्राथमिक विद्यालयों से ही शिक्षा की शुरुआत पर उच्च पद प्राप्त करने में कामयाबी हासिल किए रहे हैं। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार मय स्टाफ उपस्थित रहे।
तहसीलदार ने अपनी बेटी का कराया परिषदीय विद्यालय में प्रवेश
---Advertisement---

