शिक्षक ने ही शिक्षक का काटा गला ,कारण पत्नी से नाजायज सम्बंध के बाधक थे डॉ जगजीत

By:

On: Monday, November 15, 2021 1:16 AM

---Advertisement---

आश्रम पद्धति कालेज दुद्धी में संविदा शिक्षक पर तैनात था प्रोफेसर डॉ जगजीत सिंह का हत्यारा व पत्नी का आशिक

2016 से दुद्धी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में संविदा पर पढ़ाता था कातिल हेमचंद

दुद्धी(रवि सिंह)सोनभद्र| भाऊ राव देवरस पीजी कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ जगजीत सिंह का कातिल एक शिक्षक ही निकला ,जो पिछले 5 वर्षों से दुद्धी के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में संविदा शिक्षक के रूप में पढ़ाने का काम करता था|मिर्जापुर जनपद के जमुई बाजार थाना मड़िहान निवासी हेमचंद पुत्र श्याम चंद अविवाहित था जो 32 हजार की पगार पर अध्यापन का कार्य करता था| हेमचंद डिग्री कालेज रोड पर स्थित एक अधिवक्ता के मकान में किराए पर रहता था कि इसी बीच प्रोफेसर की पत्नी से संबंध हो जाने पर पिछले कुछ वर्षों से एक और मकान मल्देवा के प्रजापति मोहल्ले में भी अपने दोस्त के साथ रहता था जो प्रोफेसर के किराए के मकान से लगभग 300 मीटर दूर स्थित रहता था | वहीं से बराबर आ जाकर वह प्रोफेसर की पत्नी से नाजायज सम्बन्ध बनाता रहता था|कातिल शिक्षक ने प्रोफसर की पत्नी से मिलकर 9 नवम्बर की रात्रि अपने नाजायज संबंधों के बीच पड़ने वाले कांटे को अपने प्रेमिका के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया|पुलिस के मुताबिक पहले प्रोफेसर को रात्रि के भोजन में पराठे में जहर दिया गया उसके बाद तकिया दम घोंटकर से मारने की कोशिश की गई और जब बात नहीं बन पाई तो चाक़ू से चेहरे व गर्दन पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया गया|
इस हत्या में एक बात गौर करने वाली है कि हत्या को अंजाम तो पत्नी व उसके आशिक ने दिया लेकिन क्राइम सीन को ऐसे मोड़ा गया कि जांच दूसरी तरफ मुड़ जाए |जैसे हत्या के बाद प्रोफेसर के पायजामे को उनके घर से 300 मीटर दूर झाड़ियों के बीच फेंकना ,आला कत्ल चाकू को डीसीएफ कालोनी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल के आवास के पास झाड़ियों के बीच फेंकना| वहीं खून से सने हाथ को साफ किया हुआ एक टीशर्ट घर के पीछे झाड़ियों में फेंकना|
एक बात तो तय है कि कातिलों ने प्रोफेसर का कत्ल शातिराना अंदाज में किया और इसका आरोप
दूसरे पर मढ़ने हेतु रणनीति बनाई की प्रोफेसर का पैजामा ना होने से लोग सोचेंगे कि प्रोफेसर ही घर मे किसी को घुसा कर गलत काम कर रहे थे और उनके परिजनों ने आव देखा ना ताव प्रोफेसर को मौत के घाट उतार दिया|लेकिन एसपी अमरेंद्र प्रताप सिंह के सोनभद्र पुलिस के काबिल अफसरों ने इस हत्याकांड के मकड़जाल को बड़े शालीनता पूर्वक सुलझा लिया|इसमें दुद्धी कोतवाल राघवेंद्र सिंह ने भी अपनी काबिलयत दिखाई जिसमें एसएसआई बालेंद्र यादव व अमवार चौकी इंचार्ज विमिलेश सिंह का रोल वही सराहनीय रहा|ऐसे मामले बहुत ही कम मिलता है कि अज्ञात कातिलों को पुलिस ने इतने साफगोई से चार दिनों में ढूंढ निकाला|

For Feedback - Feedback@crimejasoos.news

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment