अब तक 35 गीतों का निकल चुका है एलबम
छोटी उम्र से गाने की जुनून से मिल रही है पहचान
म्योरपुर/सोनभद्र
बभनी ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत कोंगा में एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली सपना सिंह यादव मुसीबतों और ग्रामीण परिवेश को दर किनार कर भोजपुरी गीतों के माध्यम से नए मुकाम हासिल करने की कोशिस कर रही है। संगीत निदेशक अनूप कुशवाहा के साथ उसने अब तक 35 से ज्यादा एलबम में गीत गा चुकी है और सपना का सुरीली आवाज भोजपुरी स्रोताओं को खूब पसंद आ रहा है।सपना ने बताया कि वह पांचवी कक्षा से ही नृत्य और गीत में रुचि रखती थी।इसको लेकर कई बार पिता की फटकार भी सहनी पड़ी पर जुनून देख पिता ने भी बाद में हौसला बढ़ाया।सपना अभी स्नातक की अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर रही है।पढ़ाई के साथ वह गीत गाने पर भी ध्यान दे रही है।ललमुनिया स्टेज शो,रिस्ता भैया के चक्कर सैंया के, बेटा हवे अहिरन के, विंध्याचल मंदिर के दर्शन न किया,देहिया के आग हमार देहिया में लहर जाला समेत 35 से ज्यादा एलबम में गा चुकी सपना की चाहत है कि वह इसी को कैरियर बनाये।अति पिछड़े और अभाव ग्रस्त परिवार से ताल्लुक रखने वाली हरिसंकर यादव की लाडली बिटिया सपना की आवाज सुन लोगो को यकीन ही नही होता कि यह लड़की गांव की एक ऐसे घर की है जिसके परिवार वाले बिजली और टी वी तक नही देखे थे हालांकि अब गान में बिजली आ गयी है।पर घर मे कोई गायक नही है।सपना ने बताया कि हम भोजपुरी गीतों में ही मुकाम हासिल करना चाहते है।

