माननीय उच्च न्यायालय मे जनहित याचिका दाखिल करेंगे किसान
धान खरीद की सीबीआई जांच कराने तथा किसानों की क्षतिपूर्ति कराने की मांग पू0न0नि0 किसान मंच ने किया।
सोनभद्र, पू0न0नि0मंच तथा पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के बैनर तले आज मंडी समिति परिसर रावर्टसगंज मे किसानों की बैठक आहूत की गयी ।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोनभद्र बार एसोसिएशन सोनभद्र के अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश दूबे से किसानों ने धान खरीद की धांधली की जांच सीबीआई से कराने के लिए माननीय उच्च न्यायालय मे जनहित याचिका दाखिल कराने की तैयारी पर चर्चा की। किसानों ने कहा कि पहले आवक के आधार पर धान खरीद का दावा करने वाले विपणन अधिकारी झूठ बोल रहे हैं केन्द्र पर जनवरी महीने से खड़े ट्रैक्टर का धान नही खरीदा जा सका जबकि कागजों पर खरीद 26 फरवरी तक किया जाता रहा । पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के नेता श्रीकांत त्रिपाठी तथा गिरीश पाण्डेय ने बताया कि जनहित याचिका के माध्यम से धान खरीद की जांच सीबीआई से कराने के साथ-साथ किसानों की हुयी क्षतिपूर्ति कराने के लिए मुआवजा दिलाने की मांग किया जायेगा । नेता द्वय ने कहा कि औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश किसानों को न्याय दिलाने के लिए पू0न0नि0मंच तथा पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच संकल्पित है । यह लड़ाई मजबूती से कानूनी तरीके से लड़कर किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जायेगा।
सोनभद्र बार एसोसिएशन सोनभद्र के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दूबे ने किसानो के साथ हुये दुर्व्यवहार पर चिंता जाहिर करते हुए भरोसा दिलाया कि न्यायालय के माध्यम से किसानों को न्याय दिलाने के लिए पुरा प्रयास होगा। बताया की अगले सप्ताह मे याचिका दाखिल कर दिया जायेगा उच्च न्यायालय मे।
किसानों की बैठक मे भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चन्द भूषण पाण्डेय तथा किसान
विरेन्द्र सिंह, सतीश कुमार, प्रशान्त सिंह, श्याम सुंदर, देव धारी सिंह, पवन कुमार, राममूरत, रामधनी, रामेश्वर, संजय सिंह, दुलारे विश्वकर्मा, विनोद कुमार पांडेय, अनिल कुमार यादव, संदीप कुमार, अशोक कुमार पाठक, शिव परसन, उमाशंकर, शिवबली, कृष्ण कांत सहित उपस्थित सभी किसानों ने कहा धान खरीद मे व्यापक रूप से धांधली की गई है। जिसके कारण वास्तविक किसान जो केन्द्र पर खड़े थे उनको अपना धान 1000 -1200 रुपए क्विंटल बेचना पड़ा। सरकार से लगातार गुहार लगाने के बावजूद कहीं सुनवाई नही की गई । पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के माध्यम से छेड़ी गई न्यायिक लड़ाई को किसानों ने जायज तथा जरुरी बताया ।

