*सोनभद्र साइबर पुलिस की बड़ी सफलता, झारखंड से जुड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा*
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल के पर्यवेक्षण में साइबर अपराधों के प्रभावी अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए थे। साइबर क्राइम पुलिस थाना पर पंजीकृत मु0अ0सं0-10/2026, धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट से संबंधित प्रकरण में पुलिस टीम ने 12 लाख रुपये की साइबर ठगी का सफल अनावरण करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
*प्रकरण का संक्षिप्त विवरण-* वादी डॉ. प्रेम बहादुर गौतम पुत्र स्व० रामधनी भगत निवासी बर्रा थाना बरदह जनपद आजमगढ़, वर्तमान पता सीएमओ कार्यालय परिसर, जिला चिकित्सालय सोनभद्र द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि वादी के फेसबुक अकाउंट पर इंडसइंड बैंक के नाम से पेंशनर सम्बन्धी फर्जी विज्ञापन एवं लिंक प्रदर्शित हुआ था। बैंक की आधिकारिक सेवा समझकर वादी ने उक्त लिंक को खोला क्योंकि पीडित का खाता इंडसइंड बैंक मे था तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा कर दी। साइबर अपराधियों ने प्राप्त सूचनाओं का दुरुपयोग करते हुए इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 05-05 लाख रुपये के दो तथा 02 लाख रुपये का एक ट्रांजेक्शन कर कुल 12 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली।
*पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही-* घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा द्वारा तत्काल साइबर क्राइम टीम को सक्रिय करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों के बैंक खातों का गहन विश्लेषण, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल एवं लोकेशन ट्रैकिंग, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संकलन, सर्विलांस तथा मुखबिर तंत्र की सहायता से अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित की गई। जिसकी गिरफ्तारी हेतु निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व मे साइबर थाना व साइबर सेल संयुक्त टीम झारखण्ड रवाना की गयी थी जिसमे पुलिस ने सफलता प्राप्त करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया ।
*अभियुक्तों द्वारा धोखाधड़ी करने का तरीका-* अभियुक्तगण आम जनमानस को विभिन्न प्रलोभन देकर उनका केवाईसी (KYC) विवरण प्राप्त करते थे तथा उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलवाने के उपरांत पासबुक की प्रति संबंधित व्यक्तियों को दे दी जाती थी, जबकि खाते से संबंधित डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड तथा अन्य बैंकिंग विवरण अपने कब्जे में रखते थे। इसके पश्चात अभियुक्त विभिन्न व्यक्तियों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी कर उनसे प्राप्त धनराशि को उक्त बैंक खातों में स्थानांतरित कराते थे तथा अपने पास रखे डेबिट कार्ड एवं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से धनराशि की निकासी कर लेते थे, जिससे वास्तविक लाभार्थी एवं अपराधी की पहचान छिपी रहे। इसके अतिरिक्त अभियुक्तगण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पेंशनरों एवं संबंधित बैंकों से जुड़े फर्जी विज्ञापन (Fake Advertisement) प्रसारित करते थे। उक्त भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर उनकी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर उनसे साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) करते थे।
*गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-*
1. धीरज कुमार पुत्र कृष्णा सोनेकार निवासी धरगाँव फुलवारिया थाना नवलशाही जनपद कोडरमा, झारखंड, हाल पता स्वर्णकार अपार्टमेंट जयनगर, कोडरमा, झारखंड।
2. रवि मेहता पुत्र झारखण्डे मेहता निवासी बिगहा फुलवारिया थाना नवलशाही जनपद कोडरमा, झारखंड।
*बरामदगी का विवरण*
1) 01अदद पीओएस मशीन
2) 01 अदद चार पहिया वाहन संख्या JH01 DK 5814
3) दर्जनों क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड
4) 04 अदद एन्ड्रोयड मोबाइल फोन
*पुलिस टीम का विवरण-*
01. नि0धीरेन्द्र कुमार चौधरी प्रभारी साइबर थाना/साइबर सेल सोनभद्र ।
02. हे0का0 शिवनन्दन सिंह, साइबर थाना सोनभद्र ।
03. हे0का0 योगेश यादव, साइबर थाना सोनभद्र ।
04. हे0का0 संजय कुमार वर्मा, साइबर थाना सोनभद्र ।
05. का0 सुनील रावत, साइबर सेल सोनभद्र ।

