*पत्नी ने अनपरा प्रशासन से लगाई मदद की गुहार*
रेशमा खानम,,,अनपरा सोनभद्र। मामला अनपरा नगर पंचायत परिक्षेत्र के थाना अनपरा अंतर्गत लाल टावर काशी मोड की पीड़ित महिला आयसा बेगम पत्नी सरवर उम्र 30 साल निवासी राजकिशन आवासीय परिसर शक्तिनगर में 12 साल पहले निकाह हुआ था निकाह के कुछ वर्षों तक दोनों के आपसी संबंध अच्छे थे इस दौरान एक बेटा आरिफ उम्र 12 वर्ष और एक बेटी आरफा उम्र 9 वर्ष सभी एक साथ गेट नंबर दो लाल टावर काशी मोड में एक साथ रहते थे। पति सरवर शक्तिनगर में निजी संस्था में बेल्डर्स के रूप में कार्यरत था ड्यूटी के दौरान लेट होने पर कभी-कभी शक्तिनगर अपने अब्बू और अम्मी के साथ मे रूक जाता था। 2024 से आयसा बेगम और सरवर के रिश्तो के बीच कुछ दूरियां बनने लगी। दोनों के बीच अक्सर घरेलू विवाद और मारपीट होने लगा ऐसे में पति आयसा को तलाक देने के लिए बोलने लगा। 24 अप्रैल को पति जब लाल टावर पत्नी से मिलने आया तो उसे पता चला की उसकी पत्नी गर्भवती है ऐसे में पति गर्भपात कराने की बात करने लगा। जबकि पत्नी गर्भपात कराने के लिए राजी नहीं थी ऐसे में पति ने रात में धोखे से खाने के साथ दवाई मिला करके खिला दिया जिससे पत्नी आयसा की हालत बिगड़ती लगी। तब आयशा ने चिकित्सकीय उपचार कराने पर पता चला कि बच्चा खराब हो गया है तब इसकी सूचना आयशा द्वारा अपने पति को देने पर पति ने बताया कि मैने खाने में बच्चा गिराने वाली दवा खिला दिया है जिससे तुम्हारा बच्चा अब खराब हो गया है इसके वजह से उसकी हालत गंभीर होती जा रही थी। किसी प्रकार इलाज के उपरान्त आयशा रविवार को न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस प्रशासन को पति के खिलाफ तहरीर दर्ज कराया आयशा का आरोप है कि उसके पति 3 वर्षों से उसे मारते पीटते हैं धोखे से दवा खिलाकर गर्भपात किया किसी से यह बात न बताए इस शर्त पर उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दिया है। इस मामले में अनपरा थाना अध्यक्ष प्रणय प्रसून श्रीवास्तव का कहना है कि पीड़ित द्वारा मिली तहरीर के आधार पर जांच किया गया है पति को पकड़ कर थाने लाया गया है पति समझौता करना चाहता है लेकिन पत्नी का कहना है कि उसे अपने जान माल का खतरा है एवं पति सरवर को लेकर डरी रहती है इसलिए उसके साथ रहना नहीं चाहती पत्नी का कहना है कि बच्चों के शिक्षा दीक्षा जीवन यापन के लिए प्रत्येक माह हरजाना राशि दे। चल संपत्ति में बच्चों को हिस्सेदार बनाऐ। थानाध्यक्ष इस मामले में जांच करने के बाद पति-पत्नी के घरेलू विवाद मामले को लेकर शांति भंग स्थिति में पति का चालान कर न्यायालय भेज दिया।

