बीडीओ राबर्ट्सगंज को सूचना आयोग ने लगया 25000 रुपये का अर्थदण्ड-विवेक पाण्डेय (एड.)
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग लखनऊ हमत्वपूर्ण अर्थदण्ड की वसूली पत्रांक संख्या 17294/रा0सू0आ0/ शास्त्री अनु0/रजिस्ट्रार/ 2020 दिनांक 16/9/2020 शिकायत/अपील संख्या-2244/ए/ 2016 विवेक कुमार पाण्डेय बनाम जन सूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी ब्लॉक राबर्ट्सगंज सोनभद्र उत्तर प्रदेश सूचना आयोग गोमती नगर लखनऊ ने मुख्य विकास अधिकारी जनपद सोनभद्र को आदेशित किये है कि उपयुक्त शिकायत/अपील का विनिश्चय एस0एच0ए0रिजवी मा0 राज्य सूचना आयुक्त की पीठ द्वारा किया जा चुका है, जिनके द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के अधीन, जन सूचना अधिकारी पर रु0 250/- प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम मूल्य ₹25000/-(पच्चीस हजार रु0) का अर्थदंड अधिरोपण किया है। उक्त आदेश दिनांक 27.07. 2018, 21.05.2018 की प्रति सलंग्न है।
उपयुक्त आदेश का अनुपालन करते हुए जन सूचना अधिकारी/ कार्यालय खंड विकास अधिकारी विकास खण्ड राबर्ट्सगंज सोनभद्र के वेतन से अधिरोपित अर्थदण्ड की वसूली कराया जाना सुनिश्चित करें। उपयुक्त अर्थदण्ड की धनराशी की कटौती आदेश में दिये गये निर्देशो के अनुसार कर के वसूल की गई धनराशी को निम्नलिखित लेखा शीर्ष में जमा करें। प्रतिलिपि प्रमुख सचिव ग्राम विकास उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, जिलाधिकारी सोनभद्र, कोषाधिकारी सोनभद्र, विवेक कुमार पाण्डेय पता वरिष्ठ पत्रकार/अधिवक्ता पूर्वांचल मीडिया क्लब सिविल लाइन रोड राबर्ट्सगंज सोनभद्र को अवगत कराया गया।
गौरतलब है कि अपील संख्या एस 11/2244/ए/2018 सैयद हैदर अब्बास रिजवी, राज सूचना आयुक्त आदेश पत्रावली प्रस्तुत हुई। पुकार कराई गई। उभ्यपक्ष अनुपस्थित है अतः इस मामले का परीक्षण किया गया और परीक्षण में यह पाया गया कि प्रतिवादी द्वारा वादी को उसके सूचना संबंधी प्रार्थना पत्र के संबंध में अभी तक कोई सूचना नही दी गई है अतः स्पष्ट है। कि प्रतिवादी पक्ष के पास पर्याप्त समय था कि वह वादी को अब तक सूचना प्राप्त करा सकते थे परंतु संबंधित जन सूचना अधिकारी द्वारा न तो कोई वांछित सूचनाएं दी गई और न हीं कोई लिखित स्पष्टीकरण दिया गया है। इस कारण से वादी को अभी तक की सूचनाएं नहीं दी जा सकी है इस स्थिति में जन सूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी विकास खंड रावटसगंज जनपद सोनभद्र को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत ₹25000 का दण्ड किया जाता है। जिसका सूचना अधिकारी को देते हुए नोटिस जारी की जाती है कि अगली सुनवाई को उसके सूचना संबंधी प्रार्थना पत्र की सूचना देते हुए उपस्थित करें। अन्यथा की स्थिति में मानते हुए उन्हें कुछ नहीं कहना है इस मामले में वसूली के आदेश पारित कर दिया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अपील संख्या एस-11, 2244/ए/2016 सैययद हैदर अब्बास रिजवी, राज्य सूचना आयुक्त पत्रावली आज प्रस्तुति हुई। पुकार करायी गयी। इस मामले की सुनवाई आज दिनांक 27-07-2018 को योजना भवन लखनऊ से वीडियो कांफेन्सिंग के माध्यम से की गई। वीडियो कांफेन्सिंग में अपर जिलाधिकारी जनपद सोनभद्र द्वारा बताया गया कि उभय पक्ष आज अनुपस्थित है। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट है कि प्रतिवादी द्वारा वादी को उसके सूचना संबंधी पत्र के संबंध में उसे अभी तक की सूचना नहीं दी गई है। स्पष्ट है कि प्रतिवादी पक्ष के पास पर्याप्त समय था कि वह वादी को अब तक सूचनाएं प्राप्त कराकर, प्राप्ति संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते थे। प्रतिवादी द्वारा न तो वादी को सूचना उपलब्ध कराया गया और ना ही कोई लिखित स्पष्टीकरण दिया गया। जन सूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी विकास खंड राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र को जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत जन सूचना अधिकारी को व्यक्तिगत मामले में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु दिया गया। दिए गए अनुपालन में संबंधित जन सूचना अधिकारी ने कोई भी लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया है और यह आज उपस्थित भी नहीं है इससे स्पष्ट है कि संबंधित जन सूचना अधिकारी के संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। अतः सभी तथ्यों पर विचार करने के उपरांत आयोग निष्कर्ष पर पहुंचता है कि दिनांक 18-05-2018 को जन सूचना अधिकारी कार्यालय खंड विकास अधिकारी विकास खंड के विरुद्ध रु0 25000/- का जो अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया था उसकी पूर्ण वसूली संबंधी जन सूचना अधिकारी के वेतन से तीन मासिक किश्तों में कटौती जिलाधिकारी सोनभद्र, कोषाधिकारी जनपद सोनभद्र द्वारा की जाए एवं आयोग के पूर्व पारित दण्डादेश दिनांक 21-05-2018 की प्रति जिलाधिकारी सोनभद्र एंव कोषाधिकारी जनपद सोनभद्र को आज के आदेश की प्रति के साथ सलग्न करके प्रेषित की जाये कि वह दिये गये आदेश/निर्देशों, का अनुपालन करें।

