लकड़ी माफियाओं द्वारा बेशकीमती वृक्षों का कटान जोरों

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On: Monday, June 8, 2020 3:11 PM

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लकड़ी माफियाओं द्वारा बेशकीमती वृक्षों का कटान जोरों

विंढमगंज(राकेश केशरी)सोनभद्र स्थानीय वन रेंज के अंतर्गत अति दुर्गम रास्ते जंगल व पहाड़ों से घिरा करहीया ग्राम पंचायत में धिचोरवा फॉरेस्ट चौकी से सटे धनघोर जंगलों में इन दिनों लकड़ी माफियाओं के द्वारा प्रतिदिन बेशकीमती वृक्षों का कटान जोरों पर चल रहा है जबकि इस वन चौकी पर वनरक्षक की भी तैनाती की गई है क्षेत्र के रेंजर विजेंद्र श्रीवास्तव ने सेल फोन पर बताया कि इस तरह की पेडों कटान की जानकारी हमारे संज्ञान में नहीं आया है अगर ऐसा हो रहा है तो तत्काल मौके का मुआयना करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी

प्राप्त जानकारी के अनुसार विंढमगंज वन रेंज के अंतर्गत करहीया ग्राम पंचायत जो घनघोर जंगलों से घिरा हुआ है इस इलाके के वन क्षेत्र में शाखु, खैर ,सिध्द, आसन जैसी बेशकीमती वृक्षों की कटान करके लकड़ी माफिया ऊंचे दामों पर बेचकर मालामाल हो रहे हैं जंगल में धूम रहे ग्रामीण रामनाथ चेरो, बिगन गोंड, रामचंद्र चेरो, महेंद्र चेरो, सीताराम चेरो ने बताया कि हम सभी आदिवासी लोग पढ़े लिखे नहीं हैं जंगल में अच्छे-अच्छे पेड़ों को रोज कटान करके लोग टैक्टर पर लादकर ले जाते हैं परंतु हम लोग कुछ नहीं कर पाते हैं अगर कोई बोलने की हिम्मत भी करता है तो वह लोग आदेश है ज्यादा मत बोलो कह कर हम लोगों की आवाज को दबा देते हैं दिन में ही जंगल से पेड़ों को काटकर ले जाते हैं तो हम लोग क्या करें जब वनाधिकारी कुछ नहीं बोल रहा है,

हम लोग भी अपने घरेलू काम के लिए कभी-कभार झाला गाड़ने के लिए खंभे दार लकड़िया काटकर ले जाते हैं सबसे ज्यादा बेशकीमती वृक्षों का कटान घोड़दाहा नाला में किया जाता है इतना घनघोर व गड्ढा है कि यहां कोई आने की हिम्मत भी नहीं करता है वन विभाग के वनरक्षक भी इस ओर नहीं आते हैं कभी कभार घूमने आते भी हैं तो पेड़ों की कटे हुए तने को देखकर इधर-उधर पूछ कर चुप हो जाते हैं वही रेंजर विजेंद्र श्रीवास्तव ने सेल फोन पर कहां की वृक्षों की कटान हमारी जानकारी में नहीं है मैं तत्काल मौके का मुआयना करा कर इस काम में लिप्त माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करूंगा

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