सोनभद्र:-अवैध क्लिनिक व नीम-हकीमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। शनिवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीएस यादव ने बभनी में अवैध रूप से संचालित सृष्टि अस्पताल को सील कर दिया
शुक्रवार को इसी अस्पताल में आपरेशन से प्रसव के दौरान गर्भवती रानी (28) की मौत हो गई थी। इसके बाद स्वजन ने जमकर हंगामा किया था। पुलिस पहले ही अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज. कर चुकी है। हालांकि संचालक अब भी फरार है। उधर राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने एसीएमओ जीएस यादव की तहरीर पर तीन अस्पताल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने तहरीर दिया था कि राबट्र्संगंज रेलवे फाटक के पास डा. सुरेश मंडल बंगाली क्लीनिक, हास्पीटल व पैथालाजी का संचालन करता है। निरीक्षण के दौरान वह एलोपैथिक पद्धति से खंड संचालन करते पाया गया। मरीजों को दवा दे रहे थे और उनका इलाज कर रहे थे। वहां गरीब जनता को बहला-फुसलाकर मरीजों की बोतल का पानी आदि फर्जी तरीको से चढ़ाया जाता है।
मलेरिया व टाइफाइड रिपोर्ट बनाकर पैसा लूटने आदि कार्य किये जाते हैं। क्लीनिक का पंजीकरण नहीं है। न ही कोई डिग्री धारक डाक्टर है।
तहरीर में बताया कि तीन दिन पूर्व क्लीनिक का पंजीकरण न होने पर उसे सील कर दिया गया था। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने डा. मंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसीएमओ ने रामगढ़ में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ भी पन्नूगंज थाने में तहरीर दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। दर्ज कर जानकारी दी जाएगी। एसीएमओ ने बताया कि अवैध रूप से अस्पताल संचालित करने वाले तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।

