सोनभद्र:-बीजपुर थाना क्षेत्र के चेतवाँ में गुरुवार को नमामि गंगे की पाइप चोरी में पकड़े गए तथाकथित हाइड्रा मालिक की भूमिका को लेकर बाजार , पुनर्वास, चेतवा, जरहा चपकी, आश्रममोड सहित हर जगह तरह तरह के चर्चाओं का बाजार गर्म है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे को मूर्त रूप दे रही हैदराबाद की मेसर्स जीवीपीआर कम्पनी के एच आर हेड की माने तो हाइड्रा चालक ने खुद स्वीकार किया है कि पाँच ट्रक पाइप इसके पहले लोड कर भेज चुका है तो क्या हाइड्रा चालक अपने मालिक के चोरी चोरी खुद लोड करने जाता था अथवा उसका मालिक खुद पाइप लोड करने को भेजता था। लोडिंग के बाद हाइड्रा का किराया कौन लेता था उपकरण और आयल कौन देता था लोडिंग के समय कमानी से अनुमति क्यों नहीं ली गयी यह एक गम्भीर
मामला है और पुलिस के जाँच का विषय है। उधर पाइप चोरी के गम्भीर केश में फंसे बीजपुर पुनर्वास निवासी हाइड्रा के दोनों आरोपियों को जेल जाने के बाद घर में सन्नाटा पसरा है। परिजनों का कहना है कि माल खाये मुखिया जेल जाए दुखिया पीड़ित परिजनों के अनुसार पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद है अन्यथा आरोपी बनाए गए दोनों के परिजन न्याय के लिए उच्चाधिकारियों के दरबार तक जाएगें। जनचर्चा पर गौर करें तो निष्पक्ष जाँच हो जाय तो पाइप चोरी के खेल में कई सफेद पोश के अलावा कम्पनी के एक दो कर्मी इस गोरखधंधे में फँस सकते हैं। सूत्र बताते है कि जेल भेजे गए पाँच आरोपियों में तीन ट्रक चालक और एक हाइड्रा आपरेटर तथा दूसरा हेल्फर है। फ़िल्म के असली किरदार और धंधे का मास्टर माइंड तो पुलिस की पकड़ से दूर है जो बेगुनाहों को देशीघी रोटी का लालच देकर गुनाह कराता था।
पाइप चोरी में हाइड्रा मालिक की भूमिका को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
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