अब कैसे मिले न्याय पीड़ित हो रहा परेशान
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के पुरानी मंडी समिति के पास का है जहां एक भवन के मामले में उप जिलाधिकारी सदर ने एक ही दिन में नोटिस व कुर्की की कार्रवाही पूरी कर दी। मामला माननीय ज़िला जज जी के संज्ञान में आने के बाद उसे अगले आदेश तक उप जिलाधिकारी के आदेश को सुनवाई की अगली तिथि तक आक्षेपित आदेश के संचालन पर रोक रहेगी और निष्पादन में नहीं लाया जाएगा
राबर्ट्सगंज नगर के पुरानी सब्जी मंडी में स्मिता केशरी पत्नी सुरेश केशरी निवासी संस्कृत पाठशाला के पास ने एक मकान का बैनामा तिलकराज से लिया था। जिसके बाबत सुरेश वगैरह से उक्त मकान के बाबत विवाद होने के कारण मुकदमा न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन राबर्ट्सगंज में वाद दाखिल किया है। उक्त वाद में न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन राबर्ट्सगंज द्वारा स्मिता के पक्ष में आदेश पारित किया गया है। जिसके बाद पुनः सुरेश वगै द्वारा जिला जज के यहाँ अपील प्रस्तुत की गयी जो अपील संख्या 15/2021 के रूप में पंजीकृत हुई। स्मिता केशरी ने बताया कि उनके पक्ष में फैसला हुआ लेकिन विपक्षी उनको हलकान व परेशान कर रहे है।
उन्होंने बताया कि इस बात का सबूत यह है कि एसडीएम ने विपक्षी को फायदा पहुंचाने के लिए एक ही दिन 145(1) व 146(1) कर दिया गया जबकि 145 (1) यह धारा नोटिस है और
दोनों पक्षों को जारी की जाती है ताकि वे सक्षम न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सके लेकिन यहाँ तो गंगा ही उलटी धारा में बहने लगी। एसडीएम ने 7 अक्टूबर को ही 145(1) व 146(1) कर दी। पक्ष व विपक्षियों को न्यायालय में उपस्थित होने की तारीख 11 अक्टूबर को सूचित किया गया जबकि उसी दिन तारीख भी थी ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक अधिकारी किसी पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए कितना गंभीर है। पीड़िता के अधिवक्ता सेराज अख्तर खान ने कहा कि उप जिलाधिकारी अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर यह आदेश दिया है। उन्होंने एक पक्षीय कार्यवाही की है, उस आदेश के खिलाफ माननीय जिला जज जी के यहां याचिका दाखिल की गई। जिसमें माननीय जिला जज जी ने सभी निचली आदालत के आदेश को सुनवाई की अगली तिथि तक आक्षेपित आदेश के संचालन पर रोक रहेगी और निष्पादन में नहीं लाया जाएगा

