दुद्धी/ सोनभद्र| शारदीय नवरात्र का प्रारम्भ आज से हो गया ,आज एकम के दिन के क़स्बे विभिन्न देवी मंदिरों में आदि शक्ति माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन विधि विधान से की गई | भक्तों ने माँ के चरणों मे गुड़हल का फूल अर्पित कर कपूर जलाकर आरती उतारी व घी के दिये जलाकर अपने परिवार के ऊपर कुशल मंगल के लिए मन्नतें मांगी |
आज गुरुवार के सुबह से नगर के प्राचीन काली मंदिर में घण्ट घड़ियाल गुजने लगे , जय माँ अम्बे ,जय माँ दुर्गे बोल से समूचा मंदिर परिसर गुंजयमान रहा| सुबह से 7 बजे से शुरू हुआ दर्शन पूजन का कार्य दोपहर तक चलता रहा| इस दौरान काली मंदिर के गर्भ गृह में कोविड प्रोटोकाल के तहत किसी को घुसने को अनुमति नहीं दी गयी | लोहे की जालीनुमा दरवाजे से ही भक्तगणों ने माँ के दर्शन पूजन किये| मंदिर के महंत रिंकू मिश्रा ने पूजा का थाली से प्रसाद व अन्य सामग्री माँ चरणों में बारी बारी से अर्पित किया | उधर मंदिर परिसर में महंत कल्याण मिश्र ने श्रदालुओं को हवन कराया व संकल्प कराया|माँ दर्शन के बाद भक्तगणों ने नगर के सभी मंदिरों श्री विष्णु मंदिर ,प्राचिन महावीर मंदिर ,श्री संकट मोचन मंदिर ,कोतवाली स्थित शिव मंदिर ,श्री पंचदेव मंदिर में भी मत्था टेक कर आशीर्वाद मांगा|
विधि विधान से हुई माँ दुर्गा के प्रथम शैलपुत्री स्वरूप का पूजन
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