बीएसए ने घोरावल क्षेत्र के कई विद्यालय का किया निरीक्षण
बीएसए के निरीक्षण मे एक शिक्षामित्र मिला अनुपस्थित
सोनभद्र। पहले माध्यमिक, फिर जूनियर हाईस्कूलों में जैसे-तैसे भौतिक रूप से पढ़ाई शुरू हो गई। बुधवार से जिले के 1407 प्राइमरी विद्यालयों में भी भौतिक रूप से कक्षाएं चलने लगी। शिक्षकों ने बच्चों का कुमकुम से तिलक करके स्वागत किया। विद्यालयों में बच्चों के आने से रौनक देखने को मिली।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने विद्यालय खुलने पर बुधवार को घोरावल क्षेत्र के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी विद्यालयों में व्यवस्था चुस्त दुरुस्त मिली। बता दें कि जिले में 1407 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां कक्षा एक से पांच तक की
पढ़ाई होती है। करीब छह माह बाद विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन बंद था। कोरोना सुरक्षा मानकों की पूरी तैयारी के साथ प्राथमिक विद्यालयों में आज से भौतिक रूप से पठन-पाठन शुरू हो गया। हालांकि कोविड गाइडलाइन के बीच खुल रहे कई विद्यालयों में न तो बच्चों को यूनीफार्म, बैग, जूता-मोजा ही वितरित किया गया है न ही सभी को पूरी किताबें ही उपलब्ध हो पाई थी। मिड डे मील के तहत कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखकर बच्चों को दूध तथा तहरी वितरित किया गया। स्कूलों का संचालन सुबह आठ से दोपहर ढाई बजे तक हुआ। प्राथमिक विद्यालय चेरोबस्ती चोपन में प्रधानाध्यापिका जरीना बानो, सहायक अध्यापिका वर्षा वर्मा व श्वेता सिंह ने बच्चों का कुमकुम से तिलक लगाकर स्वागत किया। बीएसए ने बताया कि घोरावल विकास खंड के
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय ढुढेर, प्राथमिक विद्यालय उसरी खुर्द, प्राथमिक विद्यालय ओडहथा व कम्पोजिट विद्यालय खजुरी का औचक निरीक्षण किया। बीएसए के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय उसरी खुर्द के शिक्षामित्र उसरी खुर्द विद्यालय से नदारत मिले।

