– 200 बोरी यूरिया खाद आवक के अपेक्षा लगभग 2000 किसान खाद के लिए परेशान
– पकरी लैम्पस से जुड़े 9 -10 गांवों को 20 -20 बोरी वितरित की गई यूरिया खाद
दुद्धी/सोनभद्र।ब्लॉक क्षेत्र के किसान पखवाड़े भर से यूरिया खाद के लिए जदोजहद में जूझ रहे हैं और जैसे ही किसी लैम्पस पर खाद आने की खबर मिलती हैं तो हजारों किसान लैम्पस पहुँच जाते हैं लेकिन यूरिया खाद की किल्लत से किसानों को यूरिया नही मिल पा रही हैं जिससे अब किसानों को अपना फसल बर्बाद होने का डर सताने लगी।
शुक्रवार को पकरी लैम्पस क्षेत्र के किसानों को मायूसी हाथ लगी और हजारों किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।किसानों ने आक्रोशित होकर लैम्पस पर यूरिया खाद नही मिलने को लेकर प्रदर्शन किया।आक्रोशित किसानों ने खाद नही मिलने को लेकर जमकर भड़ास निकाली।किसानों ने कहा कि इससे पहले खाद के लिए इतनी किल्लत कभी नहीं हुई थी लेकिन पिछले साल से किसान किसी तरह खेती तो कर ले रहे लेकिन यूरिया खाद के उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही हैं इसके बाद यूरिया खाद नसीब नही हो रही हैं।बताया गया कि पकरी लैम्पस पर 200 बोरी यूरिया खाद आया है जिसमें प्रत्येक गांव के 20-20 किसानों को खाद वितरित की जाने लगी ।कुछ गांवों वितरित करने के बाद अन्य किसानों को खाद नही मिलने के कारण आक्रोशित भी हो गए और किसानों का कहना था कि एक गांव में सिर्फ 20 लोगों को यूरिया खाद देना ऊट के मुंह में जीरा के बराबर है।
किसानों का आरोप है कि जब भी पकरी लैम्पस पर यूरिया खाद आती हैं तो चिन्हित किसानों को ही यूरिया दे दी जाती हैं और गांव के छोटे मोटे किसान खाद के लिए भटकते रहते हैं।पिछले दिनों जिन जिन किसानों को खाद दी गई थी उन्हीं किसानों को इस बार भी यूरिया खाद दे दी गई जबकि हमलोगों को हर बात खाद कम होने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है फिर अगले बार आते हैं तो फिर यही बात कही जाती हैं जबकि कुछ लोगों भरपूर मात्रा में यूरिया खाद दे दी जाती हैं।कई किसानों ने यूरिया खाद अधिक मूल्य पर देने का भी आरोप लगाया।
इस दौरान किसान कालिका, परमेश्वर, राजनारायण, रामचन्द्र, प्रमोद,गणेश,मनोज,राजेंद्र, प्रेमचंद सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

