मोदी सरकार का पुतला दहन कर जताया विरोध
सोनभद्र, अलग पूर्वांचल राज्य स्थापना की मांग कर रहे पूर्वांचल नव निर्माण मंच तथा किसानों की आवाज बुलंद करने वाले संगठन पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के लोगों ने आज संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर मँहगाई के खिलाफ हल्ला बोला । इस क्रम में पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व मे किसानों ने मोदी सरकार का पुतला दहन करते हुए विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि भाजपा सरकार में मँहगाई चरम पर है कृषि कार्य हेतु उपयोग में आने वाले डीजल का दाम आसमान छू रहा है जिससे फसल उत्पादन लागत अपेक्षाकृत बढ़ती जा रही है । जबकि दूसरी तरफ किसानों के फसल का कोई मूल्य निर्धारित नही है अभी ।
अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि किसानों के उत्पाद को छोड़कर सरकार भाजपा के सरकार में आवश्यक आवश्यकता की सभी चीजों का दाम बढ़ा दिया गया है । डीजल , पैट्रौल, रसोई गैस, दवाई, शिक्षा से लेकर आटोमोबाइल क्षेत्र तथा खनन सामग्री के भी दाम आसमान छू रहे हैं , जिसका सीधा असर आम आदमी तथा किसानों के घर परिवार पर देखने को मिल रहा है । कहा आज लोग अभाव में जीवन गुजारने को विवश हैं सरकार की लापरवाही तथा उदासीनता के कारण । श्रीकांत त्रिपाठी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता में ना तो देश का विकास है और ना ही आम लोगों की चिंता ही है । कहा मोदी सरकार को केवल चुनाव तथा कुर्सी की चिंता रहती है हमेशा जिसका दुष्परिणाम है आज बेतहाशा बढ़ती मँहगाई । त्रिपाठी ने दिल्ली में आंदोलनरत किसानों की दुर्दशा के लिए भी मोदी सरकार को कोसते हुए कहा कि जिसे अपने देश के किसानों की चिंता ना हो ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने की जरुरत है
पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के नेता अभय पटेल ने कहा आम आदमी मँहगाई के दंश से बदहाल है और मोदी सरकार केवल झूठी शान बघारने में व्यस्त है। दुनिया के देशों में डंका बजाने वाले मोदी के देश में महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी आज चरम पर है जिसका हल निकालने की बजाय मोदी सरकार तथा उनके लोग लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जाति, धर्म, मजहब, मंदिर-मस्जिद की बात में लोगों को उलझाने में लगे हैं । विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित उदय प्रकाश, श्यामसुन्दर सिंह,निर्भय पटेल, राजेन्द्र मौर्य, सुनील गुप्ता, शुभम त्रिपाठी, अनिल गुप्ता, प्रबल ,पवन पटेल, संजय गुप्ता, ऊदल महराज, रामकेश, कमलेश, सीताराम, आलोक मौर्य, गोरख सहित सभी किसानों ने दोषपूर्ण कृषि कानून वापस कराने की मांग के साथ साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनन गांरटी की मांग करते हुए सिंचाई हेतु किसानों को डीजल के दाम पर सब्सिडी देने की मांग भी की ।

