फालोअप:बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के डाक्टर ने दिखाया जहर से मौत
:घरवालो के अनुसार 12जून को बैंक गई थी पेसे निकालने जबकि 12जून को बैंक का दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक था बंद
चंदौली/सोनभद्र बबुरी थाना की किशोरी की संदिग्ध हाल में मौत पर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और डॉ. नूतन ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। दोनों ने एडीजी जोन वाराणसी को पत्र लिख कर मामले की पूरी जांच की मांग की है
पत्र में बताया कि बबुरी थाना के अकोढ़वा निवासी किशोरी की मौत 12 जून को सोनभद्र के जिला अस्पताल में हो गई। अस्पताल से मिले मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार किशोरी की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। परिवार वालों के अनुसार किशोरी शनिवार की सुबह साइकिल से बैंक जाने के लिए निकली थी। रात लगभग नौ बजे उसके घरवालों को सुकृत से पुलिसकर्मी का फोन आया कि उनकी बच्ची जिला अस्पताल सोनभद्र में भर्ती है। अस्पताल पहुंचने पर किशोरी मृत मिली। चिकित्सकों ने बिना पोस्टमार्टम के ही शव को परिवार वालों को सौंप दिया। परिवार वालों ने भी शव का अंतिम संस्कार कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम विश्वसनीय प्रतीत नहीं होता है। कहा कि जिला अस्पताल की ओर से बिना पोस्टमरटम के मृत्यु का कारण जहर लिख देना पूरी तरह गलत एवं गैर-क़ानूनी है। जहर से मौत की आशंका के बाद भी पंचायतनामा अथवा पोस्टमार्टम न कराना पूरी तरह गैरकानूनी है
पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि इस मामले में चंदौली के कुछ ताकतवर लोगों द्वारा हत्या तथा पुलिस व डॉक्टरों से मिलकर फर्जी अभिलेख बनाने एवं परिवार को अपने वश में करने की चर्चा है। इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह शिकायत पत्र एसीएस होम, डीजीपी, यूपी, मंडलायुक्त वाराणसी/मिर्जापुर,आईजी रेंज वाराणसी, डीएम चंदौली तथा एसपी सोनभद्र को भेजा है।
यह घटना सोनभद्र में हुई है। वहीं किशोरी मिली और अस्पताल में उसकी मौत हुई है। हमने वहां के डॉक्टर से बात किया तो उनका कहना था कि किशोरी की मौत के बाद उसके माता-पिता ने खुद पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और कहा कि हमें किसी पर संदेह नहीं है। इस प्रकरण में अभी तक कोई जांच मेरे पास नहीं आई है। अगर आती है तो हम बिल्कुल जांच करेंगे।
प्रीति तिवारी, सीओ, चकिया

