रेणुकूट/सोनभद्र। हिण्डाल्को रेणुकूट में चल रहे सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत सेफ्टी इनोवेशन व इन्सटैन्ट जॅाब सेफ्टी एनालिसिस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन हिण्डाल्को ट्रेनिंग सेन्टर में किया गया।

सेफ्टी इनोवेशन प्रतियोगिता में कुल 4 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में रिडक्शन प्लान्ट की ओर से आयुषी चौधरी, अमित सिंह, ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनिल कुमार शाह ने प्रतिभाग किया और प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं फैब्रिकेशन प्लान्ट की ओर से मोना शर्मा, अंकित श्रीवास्तव, कुन्दन कुमार डे, प्रकाश चन्द्र पाण्डेय ने प्रतिभाग किया और द्वितीय स्थान प्राप्त किया जबकि अल्युमिना प्लान्ट की ओर से रमेश चन्द्र, प्रीतम नस्कर, अशोक यादव, सुरजन मौर्य ने प्रतिभाग किया और तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन सौरभ श्रीनेत्र व आर. के. श्रीवास्तव ने किया।
निर्णायक मंडल के रूप में ए.के. सिंह, विवेक श्रीवास्तव, एस.के. पाण्डेय, ए.पी. सिंह, नवनीत श्रीवास्तव ने शानदार भूमिका निभाई।
इसी क्रम में जॅाब सेफ्टी एनालिसिस प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें कुल 4 टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में अल्युमिना प्लान्ट की ओर से सुधांशु सिंह, शिवा कुमारी, बीपी मधुकर, वी.पी. कुशवाहा ने प्रतिभाग कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं फैब्रिकेशन प्लांट की ओर से देवांश निखरा, मनीष नागवंशी, उमेश मौर्या, दिलीप दुबे व रिडक्शन प्लान्ट की ओर से अरविन्द कुमार, आशू पटेल, संतोष पाण्डेय, एस.के. पाण्डेय प्रतिभाग किया जिसमें फैब्रिकेशन प्लांट व रिडक्शन प्लान्ट ने सम्मिलित रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सर्विसेज प्लान्ट की ओर से घनश्याम कुमार, अनुराग श्रीवास्तव, मिलन कुमार, दयाराम ने प्रतिभाग कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह व एस. के. पाण्डेय ने किया। गोपाल सिंह राठौर, एच.आर. सिंह, संजीव गुप्ता, प्रदीप्ता मिश्रा. बालाजी श्रीनिवासन निर्णायक मंडल के सदस्य रहे।
सुरक्षा माह के दौरान पी.पी.ई. यूजेज प्रतियोगिता का भी आयोजन 8 मार्च से 18 मार्च के मध्य किया गया। इस प्रतियोगिता के को-आर्डिनेटर श्री संजीव गुप्ता व उनकी टीम थे। इस प्रतियोगिता में रिडक्शन प्लान्ट ने प्रथम, फैब्रिकेशन प्लान्ट ने द्वितीय तथा सर्विसेज विभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतियोगियों का उत्साहवर्धन किया।

