एक्यूप्रेशर बेहतर जीवनशैली अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं-जगदीश पात्रा
अनपरा, सोनभद्र। हिंडालको रेनुसागर के यूनिट हेड आर. पी. सिंह के मार्गदर्शन में हेड एचआर आशीष पांडेय के दिशा-निर्देशन में हिंडालको रेनुसागर के तत्वावधान में सुमंगलम भवन में पांच दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर एवं सुजोक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्घाटन हिंडालको रेनुसागर के मेंटिनेंस हेड जगदीश पात्रा, डॉ. मुकुल बिंद्रा तथा ईआर हेड मृदुल भारद्वाज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर हिन्डाल्को रेनुसागर के मेंटिनेंस हेड जगदीश पात्रा ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर एवं सुजोक जैसी वैकल्पिक उपचार पद्धतियां बिना दवा के स्वास्थ्य संवर्धन, रोगों की रोकथाम तथा बेहतर जीवनशैली अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रकार के शिविर कर्मचारियों, उनके परिजनों एवं स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें प्राकृतिक एवं सुरक्षित उपचार पद्धतियों की जानकारी प्रदान करते हैं।शिविर में सेवा दे रहे शिव आरोग्य प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान श्रीगंगानगर राजस्थान से आये डॉ. गुलाबराम एम.डी. एक्यूप्रेशर सुजोक विशेषज्ञ ने बताया कि इस शिविर में- सर्वाइकल, माइग्रेन, पीठ का दर्द, पसलियों का दर्द, हाथों में कम्पन्न, घुटनों का दर्द, थाइराईड, स्लीप डिक्स, फ्रोजल शोल्डर, चक्कर आना, साइटिका पेन रिंगन वाव, हाथ पांव सुन्न होना, धरण, कब्ज, गैस, सिरदर्द, गठिया, बवासीर, गुर्दे की पथरी, बच्चों का बिस्तर गिला करना, तातला बोलना, हकलाना, एड़ी में दर्द, मोटापा, बी पी का बढ़ना-घटना, नाभि का खिसकना, लकवा, शुगर, सांस की तकलीफ का ईलाज किया जायेगा।

पांच दिवसीय इस शिविर में प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर एवं सुजोक पद्धति के माध्यम से उपचार एवं परामर्श दिया जाएगा। शिविर का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।कार्यक्रम को सफल बनाने में हिंडालको रेनुसागर ईआर विभाग से रोहित सक्सेना, आर के बर्मा,सदानन्द पांडेय एवं चिकित्सा विभाग से सुशील श्रीवास्तव डॉक्टर रितेश कुमार विश्वकर्मा, एवं रंजन कुमार यादव का सराहनीय सहयोग रहा।वही हिंडालको रेनुसागर के मान्यता प्राप्त श्रम संगठनो के पदाधिकारी ने मुक्तकण्ठा से शिविर की प्रसंशा की।

