सोनभद्र: गुरुवार को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल की। इस आह्वान का असर सोनभद्र में भी देखा गया, जहां बैंकिंग और बीमा क्षेत्र की सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। बैंक कर्मचारियों ने स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन किया।
ऑल इंडिया सेंट्रल ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में सोनभद्र की विभिन्न बैंक शाखाओं के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। सुबह से ही कई बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन का काम बाधित रहा। कुछ शाखाएं खुली थीं, लेकिन वहां केवल सीमित प्रशासनिक कार्य किए गए, जबकि कुछ बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं। इससे ग्राहकों को काफी परेशानी हुई और लेनदेन के लिए पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कई ग्राहकों ने आवश्यक भुगतान न हो पाने की शिकायत भी की।
प्रदर्शनकारी बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगों में बैंकों में पर्याप्त भर्ती करना शामिल है। उनका कहना है कि भर्ती न होने से ग्राहकों को सही सेवा नहीं मिल पा रही है और बैंक को भी नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों ने हफ्ते में दो दिन की छुट्टी लागू करने की भी मांग की, जैसा कि कई अन्य देशों में प्रचलित है।
राजीव रंजन ने बताया कि सरकार को बैंकों का निजीकरण और आउटसोर्सिंग बंद करनी चाहिए। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों की भर्ती करने और कर्मचारियों पर काम का दबाव कम करने की मांग की। रंजन के अनुसार, पर्याप्त कर्मचारी न होने से बैंककर्मियों को समय पर घर जाने में समस्या होती है, जिससे वे अपने परिवार के साथ समय नहीं बिता पाते।कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो ऑल ओवर इंडिया एसोसिएशन के मार्गदर्शन में वे अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जा सकते हैं। यह मांगें 2004 से लंबित कई मांगों में से एक हैं, जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है।

