अय्याशी का अड्डा बना टीटीएस कालोनी, नौकरी के नाम पर नामी-गिरामी विभागों के अधिकारी आबरू से खेलते
कई विभागो के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
बीजपुर(baggha singh)सोनभद्र:आवासीय परिसर टीटीएस कालोनी वर्तमान समय मे अय्याशी का अड्डा बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार बिगत दिनों एक लड़की के साथ बन्द कमरे में सन्दिग्ध अवस्था मे पकड़े गए सिविल बिभाग के एक जेई की करतूत से प्रबन्धन सहित समूचा इलाका शर्मसार हो गया है। गौरतलब हो कि ऐसे कुछ तत्व आवासीय परिसर में रह कर भोली भाली लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसा कर पहले शारीरिक शोषण करते है फिर शादी का झांसा देकर उनको बिभाग में नौकरी लगवाने का प्रलोभन देकर निरीह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में लगे रहते हैं। ऐसे ही यहाँ का एक मामला संज्ञान में आने के बाद परिजनों सहित प्रबन्धन में खलबली मची हुई है। सूत्र बताते हैं कि लड़की उसी बिभाग में अस्थाई तौर पर डियूटी करती है जहाँ विभाग का एक युवा जेई भी कार्यरत है। दोनो में पहले प्यार हुआ फिर शादी करने के कसमे वादें हुए फिर विवाद हुआ और अब उस लड़की की जिंदगी नर्क बनती जा रही है। जानकारी के अनुसार लड़की शादी सुदा नहीं है परिजन अपने जाती बिरादरी में उसकी शादी लगाए थे लेकिन अय्याश जेई के कारण उसकी शादी की बर्बादी की पटकथा शुरू हो गयी है। उधर जेई को बन्द कमरे में देख जब लोगों ने पुलिस को बुलाया तो मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गयी। लोगबाग समाज मे तरह तरह की चर्चा कर जहाँ संस्था को ही कोष रहे हैं वहीं लोगों का कहना है कि इसके सदिंयों पहले से यहाँ यही होता रहा है। गौरतलब हो कि इसके पहले आईटी बिभाग के एक इंजीनियर का ऐसे ही मामला सामने आने के बाद प्रबन्धन उसपर पर्दा डालते हुए अय्यास इंजीनियर का अन्यत्र स्थानांतरण कर मामला शांत कराया था। इसी तरह का एक मामला बहुत पहले हॉस्पिटल मे भी आया था तब उस डॉक्टर का भी स्थानांतरण किया गया था। इसके अलावा तमाम रशुखदार अधिकारी, इंजीनियर और सफेदपोश रहे जिनकी तूती बोलती थी उनकी कहानी भी अतीत में ऐसे ही थी। सवाल उठता है कि गरीबी लाचारी बेबसी का पढालिखा तबका कब तक लाभ उठा कर तथाकथित लोग आवासीय परिसर को कोठे का मंडी बनाते रहेगें यह कोई बताने वाला नही है। उधर विवादित जेई से जब उसको फोन कर उनका भी पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उसने कहा मैं अमेठी में हूँ दो महीने बाद मुलाकात होगी और फोन कट कर दिया जिसके कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया। हालांकि इसबाबत अपर महाप्रबंधक से जब जानकारी माँगी गयी तो उन्हों ने कहा कि हमको जानकारी है लेकिन यह मामला उनका निजी है सरकारी होता तो इसके बारे में कुछ कह सकता था। अंत मे वे भी चुप्पी साध गए।
**** पढ़ते रहिए शेष अगले अंक में-

