7 से 17 हजार मानदेय करने पर मिली सहूलियत
सोनभद्र/उत्तरप्रदेश।
मानदेय बढ़ाने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे अनुदेशकों को घर चलाने में आसानी हुई। अब अनुदेशक भी बेटे और बेटियों को उच्च शिक्षा दिला सकेंगे। अब अनुदेशक 2017 से अब तक का एरियर मिलने के आस में हैं। हमारे प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश पटेल जी के लम्बे संघर्ष के परिणाम स्वरुप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अनुदेशकों को 17000 रुपए मानदेय मिलने लगा है। इससे अनुदेशकों में उत्साह है। लम्बे समय के बाद मानदेय बढ़कर मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है जो 4 फरवरी 2026 के फैसले के विरुद्ध दायर की गई थी। इस फैसले के बाद अप्रैल 2026 से लागू 17000 रुपए मासिक मानदेय के साथ ही वर्ष 2017 मार्च से 2026 मार्च तक का एरियर भुगतान का भी रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अपने पूर्व आदेश में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इस फैसले से अनुदेशकों में खुशी की लहर है।
हमारे प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश पटेल जी के संघर्ष के परिणाम स्वरुप ही ऐसा सम्भव हो सका।
जिसमें संजय कुमार (जिला अध्यक्ष )रुचि केसरी ( जिला उपाध्यक्ष) वन्दना कुशवाहा जिला महामंत्री दुद्धी , सतीश कुमार(जिला कोषाध्यक्ष ) राकेश राजन सिंह एवं सिद्धार्थ पटेल ( जिला प्रवक्ता ) सुभाष चौहान (जिला प्रशासन मंत्री) अनिता देवी (जिला संगठन मंत्री) मोहित कुमार (जिला मीडिया प्रभारी )अक्षयवरनाथ कुशवाहा (ब्लॉक अध्यक्ष, दुद्धी)प्रिया अग्रहरि सुनील यादव, संध्या लता ,उमा गुप्ता, संगीता श्रीवास्तव ,सुनीता, पुष्पा निरुपमा, सुषमा कुशवाहा,संजीव ,शिवनाथ, पवन, निमेष सभी ने संगठन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

