सोनभद्र । सोनभद्र के छपका स्थित पंचशील मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर में महिला की मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब हॉस्पिटल प्रशासन की तरफ से मृतक महिला के परिजनों के विरुद्ध डॉक्टर दम्पति पर जानलेवा हमला और हॉस्पिटल में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की छानबीन की जा रही है।
अस्पताल के डायरेक्टर पवित कुमार मौर्या ने तहरीर देकर बताया कि 15 जुलाई 2025 को मरीज इंदु देवी गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंची थी। डॉ० अनुपमा मौर्या और अन्य डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों की सहमति से शाम पांच बजे डॉ० अनुपमा मौर्या और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ० सुशील कृष्ण मूर्ति द्वारा ओवरी सिस्ट का ऑपरेशन किया गया।ऑपरेशन के दौरान इलाज के बाद मरीज की स्थिति गंभीर होने लगी और वह एनाफिलैक्टिक शॉक में चली गई। परिजनों को मरीज को हायर सेंटर वाराणसी ले जाने की सलाह दी गई लेकिन मरीज के पति अरविंद, पिता चंद्रमा, भाई सुनील, अनिल, आशीष, सोनू विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा, बहन काजल, निशा, यशोदा सहित 30-40 की संख्या में लोग लाठी, डंडा, लोहे का रॉड और सब्बल लेकर अस्पताल में घुस आए और हमला बोल दिया। इस जानलेवा हमले में डॉ० अनुपमा मौर्या और उनके पति अंजनी कुमार घायल हो गए। डॉ० अनुपमा मौर्या के पैर में फ्रैक्चर हो गया है, और डॉ० अंजनी की छाती की हड्डी टूट गई है, जिनका सरकारी अस्पताल में इलाज जारी है। आरोपियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और मशीनों को क्षतिग्रस्त कर दिया साथ ही अस्पताल में रखे सामान व मरीजों की फाइलें भी नष्ट कर दीं।” बताते चलें कि 15 जुलाई को नगर स्थित छपका वार्ड में पंचशील मल्टी स्पेशलिट हॉस्पिटल में पेट में ट्यूमर के आपरेशन के दौरान मीरजापुर की निवासी इंदू (34वर्ष) पत्नी अरविंद की मौत हो गई थी। वहीं 15 जुलाई की देर शाम हुई घटना से आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया और ऑपरेशन थियेटर में मशीनों को क्षति व तोड़फोड़ किए 
रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने इस संबंध में अस्पताल के डायरेक्टर पवित कुमार की तहरीर पर 11 नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता BNS) की विभिन्न धाराओं 191(2) (गैर-कानूनी जमावड़ा), 324(6) (खतरनाक हथियारों पहुंचाना), 117(2) (लोक सेवक को आपराधिक कार्यवाही में बाधा डालना), 115 (2) (साजिश) और 351(2) (मारपीट) के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।बर्ट्सगंज पुलिस ने इस संबंध में अस्पताल के डायरेक्टर पवित कुमार की तहरीर पर 11 नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 191(2) (गैर-कानूनी जमावड़ा), 324(6) (खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुंचाना), 117(2) (लोक सेवक को आपराधिक कार्यवाही में बाधा डालना), 115 (2) (साजिश) और 351(2) (मारपीट) के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

