**स्थान:** के.वी. एनटीपीसी शक्तिनगर
शक्तिनगर। केन्द्रीय विद्यालय एनटीपीसी शक्तिनगर के सम्मेलन कक्ष में आज “बियॉन्ड बोर्ड्स: ड्रीम बिग, एक्सप्लोर स्टेम, पॉवर योर फ्यूचर!” विषय पर एक प्रेरणादायक करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चला, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती प्रीति शर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में गहरी रुचि और नवाचार की भावना ही विद्यार्थियों को सफलता की ओर ले जा सकती है।
इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। इसमें मुख्य रूप से सुश्री आकांक्षा यादव,ईईटी-2025 एनटीपीसी शक्तिनगर ने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे मेहनत, लगन और सही दिशा-निर्देशन से बड़े से बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं।उन्होंने अपने जीवन यात्रा के बारे में भी बताया। उन्होंने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डाला।
वहीं, श्री प्रशांत चौधरी , ईईटी-2025 एनटीपीसी शक्तिनगर ने “निरंतर सीखना” और “नवाचार के साथ आगे बढ़ने” के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सामग्री विज्ञान में करियर की संभावनाओं तथा उच्च शिक्षा के लिए तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए एनटीपीसी शक्तिनगर के एचआर प्रतिनिधि श्री संदीप मयंक मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं, नौकरी के अवसरों और ऊर्जा क्षेत्र में करियर की बारीकियों को साझा किया। उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वासी और कौशल-युक्त बनने की प्रेरणा दी।
सत्र का संचालन एवं स्वागत भाषण श्री मृत्युंजय सिंह पीजीटी बायोलॉजी द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘ड्रीम बिग’ (बड़े सपने देखने) और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में श्री मृत्युंजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी वक्ताओं, शिक्षकों और तकनीकी सहायकों का आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में तकनीकी सहयोग श्री आनंद सिंह और श्री रत्तन सिंह ने प्रदान किया, जिससे सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्राचार्या श्रीमती प्रीति शर्मा ने सत्र को सार्थक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने इस ज्ञानवर्धक सत्र को अत्यंत लाभकारी बताया और भविष्य में इस तरह के और सत्र आयोजित करने की माँग की।

