कोन संवाददाता(जयदीप गुप्ता)।डाला विद्युत उपकेंद्र से कोन विद्युत उपकेंद्र तक लगभग 32 किलोमीटर लंबी 33 केवीए विद्युत लाइन के जर्जर तार और पोल क्षेत्र की बिजली व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। पिछले कई महीनों से इस लाइन में लगातार फाल्ट होने के कारण कोन व कचनरवा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को भी उठाना पड़ रहा है।
रविवार शाम हल्की गरज-चमक के बाद अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। जानकारी करने पर विद्युत कर्मियों ने बताया कि रोपा डंडी के जंगल क्षेत्र में 33 केवीए का तार टूटकर गिर गया है, जिसके कारण आपूर्ति बाधित हुई। इसके बाद लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि यह स्थिति अब सामान्य हो गई है। आए दिन कहीं न कहीं तार टूटने या फाल्ट होने से कई-कई घंटे तक बिजली गुल रहती है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि डाला से कोन उपकेंद्र तक लगी 33 केवी लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर तार जर्जर,ढीले हैं और पोल भी कमजोर हो गए हैं। यही कारण है कि हल्की बारिश, हवा या गरज-चमक होते ही लाइन में फाल्ट हो जाता है। कई बार मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल होती है, लेकिन दो-चार घंटे बाद फिर से फाल्ट हो जाने के कारण 12 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
कोन एवं कचनरवा विद्युत उपकेंद्रों से लगभग डेढ़ लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। लगातार बाधित हो रही बिजली व्यवस्था से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और किसानों की भी परेशानी बढ़ गई है। बरसात नहीं होने से किसान सिंचाई के लिए विद्युत चालित मोटरों पर निर्भर हैं, लेकिन लो वोल्टेज और बार-बार बिजली कटने के कारण मोटर नहीं चल पा रहे हैं। इससे धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
क्षेत्र के अर्जुन प्रसाद, विजयशंकर जायसवाल, आनंद जायसवाल, पियूष, गोपी विश्वकर्मा, चंदन त्रिपाठी सहित दर्जनों उपभोक्ताओं ने विभाग से जर्जर तार और पोल को शीघ्र बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पूरी 33 केवीए लाइन का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा, तब तक बिजली व्यवस्था में स्थायी सुधार संभव नहीं है। उपभोक्ताओं ने उच्च अधिकारियों से शीघ्र संज्ञान लेकर लाइन के सुदृढ़ीकरण तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।

