बेतहाशा बढ़ती महंगाई ने बिगाड़ाआम आदमी का बजट ग्रहणीयो में सरकार के प्रति रोष
सरकार का खाद्य सामग्री अन्य सामानों पर हुए बेतहाशा महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं
चोपन(संवाददाता अशोक मद्धेशिया)कोविड-19 लाकडाउन हटने से सभी राशन सामग्री दर में बेतहाशा वृद्धि हुई हैं जिससे आम आदमी व रोज कमाने खाने वाले व ग्रहणीयो में सरकार के रोष व्याप्त हैं रिफाइंड ₹115 लीटर, सरसों तेल ₹125 लीटर, राहर की दाल 100 से ₹120 किलो, इसी प्रकार समस्त राशन सामग्री के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है जिससे आम जनमानस गरीब तब का बहुत परेशान है इसी तरह से सब्जी की
बात करें तो प्याज 80 से ₹100 किलो, आलू 40 से ₹45 किलो, पालक ₹40 किलो, हरी धनिया ₹300 किलो, लौकी ₹40 किलो, बैगन 40, लहसुन 160 किलो, कुछ गृहणीओ व पुरुषों से बात करने पर लोगों ने कहा कि मोदी जी ने अच्छे दिन का सपना दिखाकर हम गरीबों को बड़े उद्योगपतियों छोटे व्यापारियों द्वारा मनमाना रेट बढ़ाकर ठगने का काम कर रहें है जिस पर ना तो खाद्य विभाग का कोई नियंत्रण है और ना ही सब्जी मार्केट में बड़े हुए सब्जी के दामों पर कोई नियंत्रण है इससे यह सिद्ध होता है कि सरकार और अधिकारियों की
लापरवाही के कारण आम जनमानस का बढ़ती हुई दामों में आई बढ़ोतरी से सभी परेशान हैं यहां तक कि लॉक डाउन के बाद दवाओं के दाम में भी बेतहाशा महंगाई बढ़ि है यदि समय रहते सरकार ने इन जमाखोरों पर लगाम नहीं लगाया तो निकट भविष्य में होने वाले पंचायत चुनाव में सरकार को मुंह की खानी पड़ेगी

