सेराजुल हुदा
दुद्धी / सोनभद्र। दुद्धी कस्बे मे मोहर्रम का त्यौहार बड़े़ ही अक़ीदत और एहतराम के साथ से मनाया गया , जिसमें हजारों की संख्या मे लोग मौजूद रहें | आपको बता दें कि इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से साल का पहला महीना मोहर्रम को माना जाता है | इसी महीने मे जा़लिम यजीदी फौज और इमामे आली मकाम के बीच इराक शहर मे स्थित करबला के मैदान मे जंग हुआ था, जिसमे इमाम हुसैन के साथ 72 लोगों को यजीदियों ने तीन दिनों से भूखा प्यासा रख कर शहीद किया गया था , जिससे इंसानियत को मानने वाले लोगों की आंखें नम हो गई थी | उन्हीं की याद मे मोहर्रम का पर्व मनाया जाता है |
करबला के मैदान मे यजीदियों के साथ हजारों की फौज थी जबकि ईमाम हुसैन के साथ मात्र 72 लोग ही मौजूद थे फिर भी हर तरह के बुराईयों से भरा हुआ बादशाह यजीद से हाथ नही मिलाया बल्कि उससे जंग करना मंजूर किया | इसी याद को ताजा करने के लिए मोहर्रम का त्यौहार मुस्लिम बंधू मानते हैंं | इस दौरान जुलूस मे दर्जनों ताजिया, सीपड़ के साथ काफी संख्या मे अखाड़ा कस्बा दुद्धी के विभिन्न वार्डों सहित आसपास के गांव खजूरी, मल्देवा, रामनगर,कठौतवा, रजखड़ आदि के रहे | जुलूस हनुमान मंदिर तिराहे के पास इकट्ठा हुआ जिसमे मौजूद खिलाड़ियों द्वारा लाठी डंडे एवं फीते से एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज कला का प्रदर्शन किया | इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे , एसडीम सुरेश राय तथा कोतवाल मनोज कुमार सिंह अपने हमराहियों सहित जुलूस मे इधर-उधर चक्रमण करते दिखें। इस मौके पर जामा मस्जिद के सदर कल्लन खां, केन्द्रीय अखाड़ा कमेटी के सदर सेराज खां, मो० सैफुल्लाह एड०, तबरेज अहमद एड०, सैयद फैजुल्लाह, फतेह मोहम्मद खां,राजा खां, सभासद शाहिद आलम, सभासद शाहनवाज खां, तालिब अली, कौनेन अंसारी, इब्राहिम खां, गौस मोहम्मद खां, मेराज हुसैन सहित काफी संख्या मे लोग मौजूद रहें।

