सोनभद्र। चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानन्द पीजी कालेज में बुधवार को 16 प्रोफेसर्स को हार्टफुलनेस ध्यान सिखाया गया। दोपहर 12:00 से 1:00 बजे के मध्य यह आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अभ्यासी सिस्टर मुदिता द्वारा किया गया। जिन्होंने स्ट्रेस मैनेजमेंट तथा टाइम मैनेजमेंट में हार्टफुलनेस की भूमिका से प्रोफेसर्स को अवगत कराया तथा भौतिक एवं आध्यात्मिक जीवन में संतुलन बनाने में हार्टफुलनेस के योगदान के बारे में बताया।
अभ्यसी भाई गोपालजी ने प्रोफेसर को बताया कि नियति यानी भाग्य का निर्माण हम वर्तमान में ही कर सकते हैं तथा नियति स्वयं के दैनिक विचारों से बनता है और इसके लिए हमें अपने मन पर काम करने हेतु ध्यान का कोई अभ्यास
करना होगा। हार्टफुलनेस अभ्यास अंग्रेजी के एक कहावत को चरितार्थ करता है-विचार कर्म का निर्माण करते हैं, कर्म आदतों का निर्माण करते हैं, आदत चरित्र का निर्माण करते हैं, चरित्र नियति का निर्माण करता है। इसके बाद अभ्यासी सिस्टर ज्योति द्वारा सबको हार्टफुलनेस रिलैक्सेशन कराया गया और प्रशिक्षक राजकुमार मालवीय द्वारा ध्यान
कराया गया। इस कार्यक्रम में अभ्यासी भाई दीपक एवं शैल कुमारी शुक्ला जी द्वारा सक्रिय सहयोग किया गया।
कार्यक्रम के अंत में अभ्यासी भाई गोपाल जी द्वारा संस्था के प्राचार्य एवं प्रोफेसर्स को हार्दिक धन्यवाद दिया गया।
स्वामी हरसेवानंद पीजी कॉलेज के प्राचार्य एसके चौबे जी द्वारा हार्टफुलनेस टीम के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में तीन सत्रीय कार्यक्रम आयोजित करने हेतु आमन्त्रित किया गया।
सोनभद्र में 16 प्रोफेसर्स को हार्टफुलनेस ध्यान सिखाया गया
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