दुद्धी /सोनभद्र से रेस्क्यू हुई नन्ही बच्ची को जिलाधिकारी ने गोद में लेकर रखा नाम कीर्ति, भावुक हुआ माहौल*
*नन्ही ‘कीर्ति’ के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी प्रशासन ने उठाई, डीएम ने कहा बच्चों की देखभाल में नहीं रहेगी कोई कमी*
*सिर्फ आश्रय नहीं, अपनापन और सुरक्षित बचपन देने की पहल-वन स्टॉप सेंटर व दत्तक ग्रहण इकाई की व्यवस्थाएं होंगी और बेहतर*
*आठ दिन की बच्ची का जिलाधिकारी ने किया नामकरण*
*सिर्फ आश्रय नहीं, अपनापन और सुरक्षित बचपन देने की पहल*
कभी-कभी एक नाम महज पहचान नहीं होता, बल्कि किसी की जिंदगी में नई उम्मीद की शुरुआत बन जाता है। दुद्धी क्षेत्र से रेस्क्यू की गई महज आठ दिन की नवजात बच्ची के लिए भी शुक्रवार का दिन कुछ ऐसा ही रहा। वन स्टॉप सेंटर एवं राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नन्ही बच्ची का नामकरण करते हुए उसे ‘कीर्ति’ नाम दिया। बच्ची को मिली इस नई पहचान के दौरान माहौल भावुक हो उठा।
शुक्रवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ वन स्टाप सेंटर व दत्तक ग्रहण इकाई का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दत्तक ग्रहण इकाई में वर्तमान में दो नवजात बच्चे आवासित मिले। इनमें गौरी जनवरी 2026 से इकाई में रह रही है, जबकि दुद्धी से करीब छह दिन पूर्व रेस्क्यू की गई लगभग आठ दिन की नवजात बच्ची भी यहां लाई गई है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी भी मौजूद थी।
नन्ही बच्ची का नामकरण करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की देखभाल में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण, अपनापन और बेहतर भविष्य का अवसर देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की जरूरतों और सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
*कीर्ति के लिए भवन में लगेगा सोलर सिस्टम, बनेगा किचन गार्डन*
‘कीर्ति’ के लिए प्रशासन ने परिसर को और बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने भवन में सोलर सिस्टम, किचन गार्डन तथा परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य सीएसआर के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। वहीं कार्यदायी संस्था डूडा को भवन की आवश्यक मरम्मत और अधूरे कार्य शीघ्र पूरा कराने को कहा गया, ताकि बच्चों और यहां आने वाली महिलाओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वन स्टॉप सेंटर में कुल 12 कार्मिक कार्यरत हैं, जिनमें केंद्र प्रशासक सहित सात मौके पर उपस्थित मिले, जबकि अन्य शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात हैं। दत्तक ग्रहण इकाई में अधीक्षिका सहित कुल 10 कार्मिक कार्यरत हैं। इनमें चार मौके पर उपस्थित मिले और शेष शिफ्टवार ड्यूटी कर रहे हैं। पुलिस विभाग की ओर से एक महिला आरक्षी भी तैनात है।
नन्ही ‘कीर्ति’ के लिए यह नामकरण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य की दिशा में बढ़ाया गया संवेदनशील कदम है। प्रशासन की इस पहल से यह संदेश भी सामने आया कि संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों को केवल छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्नेह और सम्मान के साथ बेहतर बचपन देने की जिम्मेदारी भी व्यवस्था की है। इस मौके पर प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्री सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह, वन स्टाप केन्द्र प्रशासक दीपिका सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

