*** हज़रत नसीरे मिल्लत की अगवाई मे हजारों की संख्या मे अक़ीदत मंदो ने जुलूस मे शामिल होकर नगर का किया भर्मण ***
सेराजुल हुदा
दुद्धी./ सोनभद्र। सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा, हुजूर की आमद मरहबा, पुरनूर की आमद मरहबा…. आदि जैसे नारों के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़े ही अक़ीदत और हर्षोल्लास के साथ अपने आखिरी पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम की यौमे पैदाइश का पर्व ईद मिलादुन्नबी मनाया।

आपको बता दें की आज बुधवार की सुबह 9 बजे से कस्बा स्थित मक्तब जब्बरिया स्कूल से ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया। जुलूस मे कस्बे से सटे गाँव मल्देवा,खजूरी, डूमरडीहा, कठौतवा सहित नगर के विभिन्न वार्डो से मुस्लिम समाज के लोग नए-नए कपड़ों और सरों मे साफा (पगड़ी )बांधकर शामिल हुए। इसके बाद मुस्लिम धर्म के धर्मगुरु हजरत नसीरे मिल्लत की अगुवाई में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोग बड़े ही अदब और एहताराम के साथ पैगंबर इस्लाम के आमद का नारा लगाकर खुशी का इजहार कर रहे थे। जुलूस भ्रमण के दौरान मुस्लिम भाइयों द्वारा कस्बे के दुकानदारों सहित आसपास के लोगों को गुलाब का फूल देकर शांति और अमन का पैगाम भी दे रहे थे। ईद मिलादुन्नबी का जुलूस कस्बे के मुख्य मार्गो जैसे बस स्टैंड, तहसील तिराहा होते हुए अमवार मोड़ तक गया इसके बाद वापस होकर जामा मस्जिद परिसर में महफिले मिलाद के रूप मे मनाया गया। महफिल की शुरुआत रिजवानुद्दीन के द्वारा सरकार की आमद के खुशी मे पढ़ी गई नाते पाक से हुई इसके बाद कारी उस्मान साहब ने बड़ी पाकीजगी के साथ नाते पाक पेश कर वहां मौजूद लोगों की ईमान को ताजा कर दिया। नाते पाक के बाद मौलाना नज़ीरुल कादरी साहब ने अपने तकरीर (संबोधन) मे हुजूर की तारीफ ब्यान करते हुए कहा कि आप जैसा नबी, आप जैसा रसूल न कभी पहले आया और न बाद मे आयेगा। इसलिए हमलोग जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाते है। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी एवं बसपा नेता संजय कुमार गौड़ धुर्वे जी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद रामविचार गौतम और सभासद राकेश आजाद को अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह (तोहफा) देकर सम्मानित किया गया। अंत मे हजरत नसीरे मिल्लत कें दुआओं से महफिल संपन्न हुआ। इस मौके पर मौलाना मसऊद रजा, हाफिज सईद अनवर, मौलाना गुलाम सरवर, मौलाना शमीमुल कादरी, रजाऊल मुस्तफा,रज़ा जामा मस्जिद के सदर कल्लन खाँ,पुर्व सदर अयूब खां, पुर्व सदर शमीम अंसारी, अबदुल्लाह अंसारी, मोहम्मद सैफुल्लाह एडवोकेट, फतेह मोहम्मद खान , कलीमुल्लाह खां सहित हजारों की संख्या मे मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।

