मांगों को लेकर दिया धरना प्रदर्शन निकाला जुलूस
10 सूत्री मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल नामित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
सोनभद्र::रावट्सगंज नगर में शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) कार्यकर्ताओं ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल नामित ज्ञापन जिलाधिकारी नामित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंप कर न्याय की लगाई गुहार वही इस दौरान जिला संयोजक लालती कनौजिया के नेतृत्व में नजमा , सरोज देवी, फुल झांसी, कीरन, तारा, आरती ,विमल, इंद्रावती, लक्ष्मी ,ज्ञानमती, शिवकुमारी, सुमित्रा, मालती, जुबेदा, कमली आदि लोगों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बेतहाशा बढ़ रही महिला हिंसा, बलात्कार व हत्या की ओर आकृष्ट कराना चाहते है। पिछले दिनों हाथरस, बलरामपुर, आज़मगढ़, भदोही आदि जिलों में हुई बलात्कार की घटनाएं सुर्खियों में रहीं लेकिन इनके अलावा भी आये दिन प्रदेश में महिलाओं पर यौन हिंसा की तमान घटनाएं हो रही हैं। दलित महलाएँ विशेष रूप से यौन हिंसा का शिकार बन रही हैं। इन घटनाओं से प्रदेश की महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही है।

चिंता की बात यह है कि इन घटनाओं के प्रति प्रदेश सरकार का रवैया बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय रहा है। जिसे हाथरस की घटना ने बखूबी दिखला दिया है। हाथरस में न तो पीड़िता का समुचित इलाज भी हुआ औऱ जिस प्रकार रात के अंधेरे में बिना परिवार के सदस्यों के उसकी लाश जला दी गई उससे सरकार का दलितों औऱ महिलाओं के प्रति घृणित और मनुवादी चेहरा उजागर हुआ है। पीड़िता का परिवार उसका समुदाय जहां एक ओर डरा हुआ है और उनसे मिलने जुलने पर भी पाबंदियां लगी है वही दूसरी ओर उसी गांव में धारा 144 के बावजूद आरोपित पक्ष के लोग जनसभाएं कर धमकियां दे रहे हैं। क्या योगी सरकार के ‘सबका साथ और कानून के राज’ की यही वास्तविकता है?आज प्रदेश की महिलाओं की यह मांग है कि पीड़िता को न्याय मिले और बलात्कारियो को कड़ी सजा दी जाए। हमारा सँगठन आज 9 अक्टूबर, अपने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से आपके समक्ष उचित कार्रवाई हेतु निम्नलिखित मांगे प्रस्तुत कर रही है-मांगे
1. प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में विफल प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग आपके माध्यम से हम करना चाहते हैं।
2. हाथरस की पीड़िता को न्याय तभी मिल सकता है जब बलात्कारियो को कड़ी सजा मिले साथ ही पीड़िता के शव को उसके परिवारजनों की गैर मौजूदगी में जलाने की घटना को जाति उत्पीड़न की घटना मानते हुए दोषी वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को गिरफ्तार कर SC/ST Act के तहत कनूनी कार्रवाई की जाए।
3. पीड़िता द्वारा अपने बयान में जब बलात्कार की बात कही गयी है तब उसके परिवार के सदस्यों का नार्को टेस्ट करवाना गैरकानूनी है । साथ ही हम चाहते है की सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप कर इसे अपने संज्ञान में ले औऱ न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
4. हम मांग करते है कि राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
5. हाथरस समेत हाल में घटित बलरामपुर, आजमगढ़, भदोही अन्य जिलों में घटित महिला हिंसा की घटनाओं में दोषी अपराधियो एवं बलात्कारियो के मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
6.यदि किसी जिले में महिला उत्पीड़न की घटना होती है और उसकी FIR दर्ज करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने या पीड़िता के इलाज में यदि समुचित कार्रवाई नही होती है तो जिले के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए।
7.यौन हिंसा के त्वरित निस्तारण के लिए हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाय।
8. पूरे प्रदेश में बढ़ती दलित उत्पीड़न की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक भूमिहीन दलित परिवार को सरकारी भूमि आवंटित की जाए और जमीन के पट्टे भी महिलाओं के नाम किये जायें।
9. हाथरस की घटना में पीड़िता से मिलने जा रहे जिन आंदोलनकारियों पर योगी सरकार ने मुक़दमे दर्ज किए हैं उन्हें अविलम्ब वापस लिया जाए साथ ही इस बाबत केरल के पत्रकारों की UAPA जैसे काले कानूनों के तहत गिरफ़्तारी की भी ऐपवा कड़ी निंदा करती है और गिरफ्तार पत्रकारों की बिना शर्त रिहाई की मांग करती हैI 10. सोनभद्र करमा थाना अंतर्गत सीमा कॉल की हत्या का सुप्रीम कोर्ट के चीफ रिटायर जस्टिस से कराया जाए जिससे सीमा के परिवार के लोगों को न्याय मिले निर्दोष भी ना फंसे दोषियों को सजा मिले आज के कार्यक्रम में उपस्थित युवा नेता शेख जुबेदा खातून अंसारी आर वाई ए नेता शेख नजमा खातून इदरीसी सरोज बंसल कमली कॉल इंदु सोनकर कुंती देवी बाल्मीकि उपस्थित रहे।

