अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को लगेगा और भारत में दृश्यमान होगा. ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से इस चंद्र ग्रहण को बेहद खास माना जा रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि साल के आखिरी चंद्र ग्रहण के मौके पर ग्रहों की विशेष स्थिति बन रही है।
चंद्र ग्रहण पर 200 साल बाद बन रहा ये अशुभ संयोग।2022 में सूर्य ग्रहण के बाद अब साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. ये चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को लगेगा और भारत में दृश्यमान होगा,ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से इस चंद्र ग्रहण को बेहद खास माना जा रहा है ज्योतिषविदों का कहना है कि साल के आखिरी चंद्र ग्रहण के मौके पर ग्रहों की विशेष स्थिति बन रही है. आइए जानते हैं कि आगामी चंद्र ग्रहण पर ग्रहों की चाल कैसी रहने वाली है.
चंद्र ग्रहण पर ग्रहों की चाल
चंद्र ग्रहण के दिन ग्रहों के सेनापति मंगल, शनि, सूर्य और राहु आमने-सामने होंगे. ऐसे में भारत वर्ष की कुंडली में तुला राशि पर सूर्य, चंद्रमा, बुध और शुक्र की युति बन रही है. इसके अलावा, शनि कुंभ राशि में पंचम और मिथुन राशि में नवम भाव पर मंगल की युति विनाशकारी योग बना रही है. चंद्र ग्रहण का ऐसा संयोग बहुत ही अशुभ माना जा रहा है.वहीं, शनि और मंगल के आमने-सामने होने की वजह से षडाष्टक योग,नीचराज भंग और प्रीति योग भी बन रहा है. ऐसे में चंद्र ग्रहण के दौरान लोगों को बहुत संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है. चंद्र ग्रहण के समय मंगल और बृहस्पति जैसे प्रमुख ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र में किसी ग्रह के वक्री होने का मतलब उसकी उल्टी चाल से होता है।
– क्या करें क्या ना करें:
– गर्भवती महिलाएं इस दरम्यान एकदम बाहर ना निकले,नियम संयम का पालन करें।
– चन्द्र ग्रहण से पांच राशियां अत्यधिक प्रभावित होगी,बाकी
अन्य राशियों पर भी इसका प्रभाव रहेगा।
– खाने के सभी सामग्री व पीने वाले जल में तुलसी जी के पत्ते
डाले।
– ग्रहण समाप्त होने पर स्नान के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़के तत्पश्चात पूजन-अर्चन वंदन के बाद दान-पुण्य करें।

